×

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की प्रगति, छोटे मुद्दों पर चल रही चर्चा

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण की प्रगति पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अधिकांश मुद्दे सुलझ चुके हैं और अब केवल कुछ छोटे बिंदुओं पर चर्चा हो रही है। इसके साथ ही, भारत और ओमान के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता भी लागू हो गया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को लाभ होगा। जानें इस समझौते के महत्व और आगे की संभावनाओं के बारे में।
 

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की स्थिति

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को जानकारी दी कि भारत और अमेरिका ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण के अधिकांश प्रावधानों को अंतिम रूप दे दिया है। अब केवल कुछ छोटे मुद्दों पर बातचीत चल रही है। मंत्री ने बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने के लिए भारत में मौजूद है, और यह बातचीत 2 से 4 जून तक जारी रहेगी। 3 फरवरी को, दोनों देशों ने इस व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए रूपरेखा तय करने की घोषणा की थी। गोयल ने कहा, "लगभग सभी चीजें तय हो चुकी हैं। अमेरिकी राजदूत ने भी कहा है कि 99 प्रतिशत मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब केवल कुछ छोटे बिंदुओं पर चर्चा हो रही है।"


महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार

पीयूष गोयल ने बताया कि समझौते को अंतिम रूप देते समय अमेरिका में हुए कानूनी परिवर्तनों को कैसे शामिल किया जाएगा, इस पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन मुद्दों का समाधान होने के बाद, दोनों देश बीटीए के पहले चरण को अंतिम रूप देकर जल्द ही उस पर हस्ताक्षर करेंगे। पहले चरण के पूरा होने के बाद, एक व्यापक व्यापार समझौते की दिशा में आगे की बातचीत शुरू की जाएगी। पिछले साल की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में प्रयास शुरू किए थे, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर टैरिफ लगाने के कारण इसकी प्रगति बाधित हो गई थी.


भारत और ओमान के बीच मुक्त व्यापार समझौता

इस बीच, भारत और ओमान के बीच सोमवार, 1 जून से मुक्त व्यापार समझौता (FTA) लागू हो गया है। इस समझौते के तहत, भारत को ओमान के बाजार में 98.08 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर 100 प्रतिशत टैरिफ-फ्री पहुंच मिलेगी, जो कुल व्यापार मूल्य के 99.38 प्रतिशत हिस्से को कवर करती है। खासकर कपड़े, कृषि उत्पाद, प्रोसेस्ड फूड, जेम्स और ज्वेलरी, ट्रांसपोर्ट कंपोनेंट्स और प्रीसिजन इंस्ट्रूमेंट्स के निर्यात में वृद्धि की संभावना है। गोयल ने कहा कि भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) से देश के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे घरेलू निर्यातकों को बड़ा लाभ होगा.