भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: किसानों के हितों की सुरक्षा का नया अध्याय
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को किसानों के हितों की सुरक्षा का एक नया उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है और इससे भारतीय उत्पादों पर टैरिफ में कमी आई है। चौहान ने विपक्ष पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया और आश्वासन दिया कि किसानों के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। जानें इस समझौते का कृषि क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
Feb 5, 2026, 13:05 IST
कृषि मंत्री का बयान
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को एक नई कूटनीतिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों के हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है। इस समझौते के तहत अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत हो गया है, और वाशिंगटन का दावा है कि इससे उसे नई दिल्ली को अधिक कृषि उत्पाद निर्यात करने में सहायता मिलेगी।
किसानों के हितों की सुरक्षा
चौहान ने बताया कि प्रमुख फसलों और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह से संरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता घरेलू कृषि हितों से समझौता नहीं करता है। एएनआई से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यह व्यापार समझौता कूटनीति, विकास और गरिमा का एक नया उदाहरण है। हम संघर्ष के बजाय संतुलित संवाद में विश्वास करते हैं। किसानों के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं, जिसमें मुख्य अनाज, फल, और बाजरा शामिल हैं।
विपक्ष पर आरोप
कृषि मंत्री ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर गलत सूचना फैलाने और अंधाधुंध विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष अनिश्चितता का माहौल बनाने के लिए अफवाहें फैला रहा है। चौहान ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष हताश हैं और वे जमीनी स्तर पर मुकाबला नहीं कर सकते।
व्यापार समझौते का प्रभाव
उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार समझौता भारत के निर्यात को बढ़ावा देगा, विशेष रूप से शुल्क में कमी के कारण, जिसका किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। चौहान ने आश्वासन दिया कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते का छोटे और सीमांत किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।