भारत 6G तकनीक में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है: ज्योतिरादित्य सिंधिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संसद में बताया कि भारत 6G तकनीक में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने 6G एलायंस के विस्तार, अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना और विभिन्न वर्किंग ग्रुप्स के कार्यों पर प्रकाश डाला। जानें कैसे भारत अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने की तैयारी कर रहा है।
Mar 25, 2026, 17:29 IST
भारत की दूरसंचार प्रगति
संसद भवन, नई दिल्ली। केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को सदन में जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दूरसंचार क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और 6G तकनीक में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत 3G के समय में पीछे था, 4G में विश्व के साथ चला, 5G में आगे बढ़ा और अब 6G में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने के लिए तैयार है।
भारत 6G एलायंस का विस्तार
सिंधिया ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में स्थापित भारत 6G एलायंस का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, और इससे जुड़े संस्थानों की संख्या 14 से बढ़कर 85 हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत 6G के क्षेत्र में लगभग 10% वैश्विक पेटेंट में योगदान करेगा, जिसमें से 4000 पेटेंट पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। इसके अलावा, यूबिक्विटस कनेक्टिविटी का भारत का प्रस्ताव 3GPP और ITU जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्वीकृत हो चुका है।
वर्किंग ग्रुप्स और मॉनिटरिंग
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत 6G एलायंस के अंतर्गत 7 वर्किंग ग्रुप्स कार्यरत हैं, जो स्पेक्ट्रम, डिवाइस टेक्नोलॉजी, कंपोनेंट्स, ग्रीन एवं सस्टेनेबिलिटी, आउटरीच और 6G उपयोग के मामलों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। मंत्रालय द्वारा इनकी प्रगति की त्रैमासिक समीक्षा की जाती है, जिससे विकास समयबद्ध और प्रभावी हो सके।
अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन का महत्व
केंद्रीय मंत्री ने अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) की जानकारी देते हुए कहा कि इसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में फरवरी 2024 में स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य देश में अनुसंधान और नवाचार को नई गति देना है। उन्होंने बताया कि 2023 से 2028 के लिए ₹50,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो भारत में अनुसंधान और नवाचार के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। इसके अंतर्गत वित्त मंत्री द्वारा ₹14,000 करोड़ का बजट भी घोषित किया गया है।
अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त करना
सिंधिया ने बताया कि ANRF के तहत 8 महत्वपूर्ण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिनमें Advance Research Grant, Prime Minister Earlier Career Research Grant, Inclusivity Research Grant, Centers of Excellence, Center of Excellence for Science & Technology, Innovation Indicators and Analysis, Partnership for Accelerated Innovation & Research और ANRF Transnational Research Hub शामिल हैं।
इसके साथ ही, सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस, इनोवेशन हब्स, ट्रांसनेशनल रिसर्च सहयोग और फेलोशिप कार्यक्रमों के माध्यम से देश में अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के लिए लगभग ₹300 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत 6G तकनीक में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करेगा और अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगा।