भाजपा नेता प्रभात यादव पर महिला डॉक्टर का गंभीर आरोप: अश्लील वीडियो और ब्लैकमेलिंग का मामला
भाजपा नेता प्रभात यादव पर लगे आरोप
बिजनौर के भाजपा नेता प्रभात यादव पर एक महिला डॉक्टर ने अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि पति की मृत्यु के बाद प्रभात ने संवेदना जताते हुए नशीला पदार्थ देकर आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किया।
प्रभात यादव का परिचय
प्रभात यादव बिजनौर के रोहनिया गांव के निवासी हैं। उनका परिवार सामान्य पृष्ठभूमि से है, जहां उनके पिता वन विभाग से रिटायर हुए हैं और छोटा भाई भारतीय सेना में कार्यरत है। उनकी पहली पत्नी का निधन हो चुका है और दूसरी शादी से एक बेटा और एक बेटी हैं। स्थानीय राजनीति में उनकी अच्छी पकड़ रही है। 2018 में उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन की थी और धीरे-धीरे संगठन में महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचे।
महिला डॉक्टर से संबंध और विवाद
यह मामला चांदपुर थाना क्षेत्र के एक मदर-चाइल्ड केयर हॉस्पिटल से जुड़ा है। महिला डॉक्टर का कहना है कि प्रभात यादव ने उनके पति की मृत्यु के बाद संवेदना जताते हुए उनके घर और अस्पताल में आना शुरू किया। शुरुआत में यह सामान्य जान-पहचान थी, लेकिन बाद में यह विवाद में बदल गई। डॉक्टर का आरोप है कि प्रभात ने भरोसे का फायदा उठाकर उन्हें बेहोश किया और अस्पताल में आपत्तिजनक वीडियो बनाए।
वीडियो और ब्लैकमेलिंग के आरोप
डॉक्टर का कहना है कि बाद में उन वीडियो और तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे गए। उन्होंने मानसिक, आर्थिक और शारीरिक शोषण का भी आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि जब उनके परिवार ने मामले में हस्तक्षेप किया, तो उन्हें भी धमकियां दी गईं। इस मामले के सामने आने के बाद बिजनौर की राजनीति में हलचल मच गई है। पुलिस ने महिला डॉक्टर की शिकायत पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
भाजपा की कार्रवाई
एफआईआर दर्ज होने के बाद भाजपा ने तुरंत कार्रवाई की। पार्टी ने प्रभात यादव को अनुशासनहीनता के आरोप में प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से निष्कासित कर दिया। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि प्रभात यादव की छवि एक सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता की रही है। लेकिन अब उन पर लगे आरोपों ने उनके राजनीतिक करियर पर सवाल खड़ा कर दिया है।
प्रभात यादव का बयान
प्रभात यादव ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक और निजी षड्यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया और सच जांच में सामने आएगा। फिलहाल, मामला पुलिस जांच के दायरे में है और बिजनौर में इस केस को लेकर चर्चाएं जारी हैं।