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भाजपा नेता नलिन कोहली ने टीएमसी पर किया तीखा हमला, पुनर्मतदान की प्रशंसा

भाजपा नेता नलिन कोहली ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला करते हुए पार्टी की कानूनी चुनौतियों का मजाक उड़ाया। उन्होंने चुनाव आयोग की प्रशंसा की, जिसने पश्चिम बंगाल में पुनर्मतदान का आदेश दिया। कोहली ने टीएमसी की कानूनी रणनीति को एक बड़ा झटका बताया और चुनावी प्रक्रियाओं की वैधता पर जोर दिया। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और क्या कहा गया।
 

भाजपा नेता का टीएमसी पर हमला

भाजपा के नलिन कोहली ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर कड़ा प्रहार करते हुए पार्टी की लगातार कानूनी चुनौतियों का मजाक उड़ाया और पश्चिम बंगाल में पुनर्मतदान के आदेश देने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की सराहना की। कोहली की यह टिप्पणी उस समय आई है जब सर्वोच्च न्यायालय ने टीएमसी की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मतगणना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति का मुद्दा उठाया गया था। एएनआई से बातचीत में, कोहली ने टीएमसी द्वारा की जा रही "रोजाना" कानूनी कार्यवाहियों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उनकी हालिया याचिका को खारिज करना वर्तमान चुनावी प्रक्रियाओं की वैधता को दर्शाता है।


सुप्रीम कोर्ट का निर्णय और टीएमसी की कानूनी रणनीति

कोहली ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय को सभी याचिकाओं की सुनवाई करने के लिए श्रेय दिया जाना चाहिए, भले ही याचिकाओं की संख्या अधिक हो। उन्होंने यह भी कहा कि याचिका को अस्वीकार करने का निर्णय टीएमसी की कानूनी रणनीति के लिए एक बड़ा झटका है। पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करते हुए, कोहली ने उच्च लोकतांत्रिक भागीदारी की सराहना की और टीएमसी द्वारा कथित मतदाता दमन और हस्तक्षेप की निंदा की। उन्होंने लगभग 93% मतदान का उल्लेख करते हुए चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों की प्रशंसा की।


चुनाव आयोग के कदमों की आवश्यकता

बूथ कैप्चरिंग और हस्तक्षेप की घटनाओं के बाद, चुनाव आयोग ने कई स्थानों पर पुनर्मतदान का आदेश दिया। कोहली ने इसे आवश्यक और उचित कदम बताया। भाजपा नेता ने विभिन्न बूथों से "चौंकाने वाले" फुटेज का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि टीएमसी के पदाधिकारी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) पर भाजपा के लोगो को मिटाने का प्रयास कर रहे थे।


सुप्रीम कोर्ट का निर्णय और कपिल सिबल की टिप्पणी

कोहली ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भारी मतदान (लगभग 93%) के साथ चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों की प्रशंसा की जानी चाहिए। इससे पहले, राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें मतगणना के लिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तैनाती का मुद्दा उठाया गया था। इसके साथ ही, चुनाव आयोग के परिपत्र को लागू करने के उनके तर्क से भी सहमति जताई गई है।