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भाजपा ने टीएमसी नेताओं को शामिल करने से किया इनकार, सामिक भट्टाचार्य का बयान

पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को शामिल नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने आधार को जमीनी स्तर पर मजबूत किया है और दागी व्यक्तियों को पार्टी में स्थान नहीं दिया जाएगा। भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी के विरोध प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा कि जनता ने टीएमसी को नकार दिया है। इस बीच, टीएमसी नेताओं पर हुए हमलों के खिलाफ ममता बनर्जी का प्रदर्शन भी होने वाला है।
 

भाजपा का स्पष्ट संदेश

पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं को अपने में शामिल नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने आधार को जमीनी स्तर पर मजबूत किया है और दागी व्यक्तियों को पार्टी में स्थान नहीं दिया जाएगा। भट्टाचार्य ने जोर देकर कहा कि भाजपा का तृणमूलकरण कभी नहीं होगा।


भट्टाचार्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि टीएमसी के लिए भाजपा के दरवाजे बंद हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा ने बिना किसी बाहरी नेता की मदद से 207 सीटें जीती हैं, और जनता ने टीएमसी के नेताओं के खिलाफ मतदान किया है। उन्होंने कहा कि इस बार उनकी राजनीतिक रणनीति जमीनी स्तर से शुरू हुई है और दागी व्यक्तियों को पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा।


ममता बनर्जी के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया

भट्टाचार्य ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा कोलकाता में आयोजित विरोध प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने टीएमसी को नकार दिया है, जिससे उनके लिए खेल खत्म हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी को विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


भट्टाचार्य ने आगे कहा कि ममता बनर्जी का दिल्ली जाना केवल ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि वह कहीं भी जा सकती हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने टीएमसी को नकार दिया है।


टीएमसी नेताओं पर हमले की घटनाएँ

ममता बनर्जी मंगलवार को कोलकाता के रानी रश्मोनी रोड पर पार्टी नेताओं के खिलाफ चुनावोत्तर हिंसा के विरोध में प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगी। यह विरोध प्रदर्शन टीएमसी नेताओं अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हुए हमलों के बाद हो रहा है।


अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन पर ईंटों और पत्थरों से हमला किया गया, जिससे उनकी आंख में चोट आई। वहीं, कल्याण बनर्जी ने कहा कि चांदीताला पुलिस स्टेशन के पास उन पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें वे बाल-बाल बचे।