भाजपा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ उठाई नैतिकता की मांग, मुख्यमंत्री से इस्तीफे की अपील
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के इस्तीफे की मांग
भाजपा के प्रवक्ता और विधायक रणधीर शर्मा ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश में हुए शहरी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों के संदर्भ में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की है। यह बयान उन्होंने शिमला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया। शर्मा ने इन चुनावों को आगामी विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल करार दिया और कहा कि इसके परिणाम सत्तारूढ़ कांग्रेस के प्रति जनता के बढ़ते असंतोष को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता ने कांग्रेस सरकार से अपना विश्वास खो दिया है। सेमीफाइनल में हारने के बाद, मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए और नए जनादेश के लिए जनता से संपर्क करना चाहिए।
चुनाव परिणामों पर भाजपा की प्रतिक्रिया
शर्मा ने कांग्रेस नेताओं द्वारा चुनावों को सेमीफाइनल कहे जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस खुद इसे सेमीफाइनल मानती है, तो हारने वाली टीम फाइनल में नहीं खेलती। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी, यह कहते हुए कि परिणाम भाजपा के लिए बढ़ते जनसमर्थन और कांग्रेस सरकार के प्रति असंतोष को दर्शाते हैं।
शर्मा ने बताया कि भाजपा ने चार में से तीन नगर निगमों - मंडी, धर्मशाला और सोलन - में स्पष्ट जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस केवल पालमपुर सीट पर ही सफल रही। उन्होंने कहा कि मतदाता मौजूदा सरकार को हटाकर भाजपा को सत्ता में वापस लाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
भाजपा की जीत और कांग्रेस की हार
शर्मा के अनुसार, भाजपा ने 22 में से 12 नगर परिषदों और 25 में से 18 नगर पंचायतों में बहुमत प्राप्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि जिला परिषद चुनावों में, हालांकि ये औपचारिक रूप से पार्टी चिन्हों पर नहीं लड़े जाते, फिर भी राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों का समर्थन किया।
शर्मा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनके नेताओं ने जिला परिषद चुनावों में पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया, लेकिन मतदाताओं ने उन्हें नकार दिया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 250 जिला परिषद वार्डों में से 144 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस ने लगभग 60 सीटें हासिल कीं।
मुख्यमंत्री सुखु की टिप्पणियों पर सवाल
शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखु की चुनाव परिणामों पर विरोधाभासी टिप्पणियों की आलोचना की। सुखु ने पहले कहा था कि पंचायती राज चुनाव दलगत आधार पर नहीं लड़े गए, लेकिन बाद में उन्होंने जीत का दावा करने की कोशिश की। भाजपा प्रवक्ता ने नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस उम्मीदवारों को 50 लाख रुपये की विकास निधि देने के सुखु के वादे की भी निंदा की और इसे अनुचित चुनावी प्रभाव बताया।
शर्मा ने कहा कि इन वादों के बावजूद, जनता ने कांग्रेस सरकार पर भरोसा नहीं किया।
राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर
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