भाजपा ने कर्नाटक सर्वेक्षण के आधार पर राहुल गांधी पर किया हमला
कर्नाटक सरकार के सर्वेक्षण का हवाला
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी के 'वोट चोरी' के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। कर्नाटक सरकार ने गुरुवार को लोकसभा चुनाव 2024 के लिए एक सर्वेक्षण के परिणाम साझा किए, जिसमें यह दर्शाया गया कि अधिकांश मतदाता इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) पर विश्वास करते हैं और मानते हैं कि चुनाव 'स्वतंत्र और निष्पक्ष' हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक पोस्ट में कहा कि राहुल गांधी, जो लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं, ईवीएम और भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के बारे में लगातार 'झूठ' बोलते रहते हैं, लेकिन कर्नाटक में उनकी अपनी सरकार ने उनके झूठ को उजागर किया है। पूनावाला ने कहा कि सर्वेक्षण में यह दावा किया गया है कि कर्नाटक के मतदाता ईवीएम पर भरोसा करते हैं और मानते हैं कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होते हैं।
सर्वेक्षण के निष्कर्ष
पूनावाला ने बताया कि सर्वेक्षण में यह पाया गया कि सभी विभागों के अधिकांश उत्तरदाताओं का मानना है कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से आयोजित किए जाते हैं, जिसमें 84.55% नागरिकों ने सहमति व्यक्त की है। इसके अलावा, 83.61% नागरिकों ने यह माना कि ईवीएम भरोसेमंद हैं। वास्तव में, सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि ईवीएम पर नागरिकों का विश्वास 2023 में 77.9% से बढ़कर अब 83.61% हो गया है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता भाजपा नेता आर अशोक ने भी इस सर्वेक्षण का हवाला देते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि यह कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ईवीएम और सर्वोच्च चुनाव निकाय पर संदेह जताकर अपनी असुरक्षा का प्रदर्शन कर रही है।
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए सर्वेक्षण
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए नागरिकों के ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार (केएपी) के अंतिम सर्वेक्षण का मूल्यांकन कर्नाटक निगरानी एवं मूल्यांकन प्राधिकरण (केएमईए) द्वारा किया गया था, जिसमें 102 विधानसभा क्षेत्रों के 5,100 उत्तरदाताओं की प्रतिक्रियाएँ शामिल थीं। इस सर्वेक्षण में 91.31 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि भारत में चुनाव स्वतंत्र हैं। इसके साथ ही, 83.61 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने ईवीएम पर भरोसा जताया है।