भाजपा ने अमेरिकी सांसदों के पत्र पर उठाई आपत्ति, राहुल गांधी पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा की प्रतिक्रिया
एक समूह के अमेरिकी सांसदों ने भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर कार्यकर्ता उमर खालिद के लिए "निष्पक्ष और समयबद्ध सुनवाई" की मांग की है। इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस पत्र के पीछे "भारत विरोधी" गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।
भाजपा ने अमेरिकी सांसदों द्वारा भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा को भेजे गए पत्र पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में पांच साल की सजा काट रहे खालिद को जमानत और निष्पक्ष सुनवाई देने का अनुरोध किया गया था।
भाजपा नेता का बयान
भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधि जेन शाकोव्स्की, जो पत्र लिखने वाले सांसदों में से एक हैं, ने 2024 में राहुल गांधी और "भारत विरोधी" इल्हान उमर के साथ मुलाकात की थी।
भंडारी ने आरोप लगाया कि जब भी विदेशों में भारत के खिलाफ बातें होती हैं, राहुल गांधी का नाम बार-बार सामने आता है। उन्होंने कहा कि शाकोव्स्की ने 2024 में राहुल गांधी से मिलने के बाद "अंतर्राष्ट्रीय इस्लामोफोबिया का मुकाबला अधिनियम" पेश किया, जिसमें भारत का नाम शामिल था।
जोहरान ममदानी की चिट्ठी
न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने खालिद के विचारों को याद करते हुए कहा है कि उन्हें "कड़वाहट" पर ध्यान नहीं देना चाहिए। ममदानी की यह चिट्ठी खालिद की सहयोगी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया पर साझा की।
पत्र में ममदानी ने लिखा है, "प्रिय उमर, मैं अक्सर आपके उन शब्दों को याद करता हूं जिनमें कड़वाहट को खुद पर हावी नहीं होने देने की बात थी। आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हम सब आपके बारे में ही सोच रहे हैं।"