भाजपा की बैठक में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा, रोडमैप तैयार
भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में एक बैठक आयोजित की, जिसमें महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा की गई। इस बैठक का उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम के कार्यान्वयन के लिए जागरूकता अभियान चलाना है। प्रस्तावित संशोधनों से लोकसभा में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ाने की योजना है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
Apr 10, 2026, 14:46 IST
महिला आरक्षण विधेयक पर भाजपा की महत्वपूर्ण बैठक
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने आज दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में देशभर के राज्य अध्यक्षों और प्रभारियों को एकत्रित किया गया, ताकि महिला आरक्षण विधेयक के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम के कार्यान्वयन के लिए जागरूकता और समर्थन जुटाने के लिए विभिन्न राज्यों में योजनाबद्ध जागरूकता अभियान चलाना है।
यह बैठक केंद्र सरकार द्वारा 16 अप्रैल से शुरू होने वाले तीन दिवसीय विशेष संसदीय सत्र से पहले आयोजित की गई, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पेश करने की योजना है। प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य 2011 की जनगणना के आंकड़ों का उपयोग करते हुए लंबित जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से महिला आरक्षण को अलग करना है, जिससे इसके कार्यान्वयन में तेजी लाई जा सके। यदि ये संशोधन पारित होते हैं, तो लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर लगभग 816 हो जाएंगी, जिसमें लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
इसके साथ ही, परिसीमन विधेयक को भी अलग से पेश करने की संभावना है, और दोनों को संवैधानिक संशोधनों के रूप में पारित होना आवश्यक है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण जारी रहेगा, लेकिन वर्तमान में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए कोई प्रावधान नहीं है। इस बीच, इस प्रस्तावित कदम पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। शिवसेना नेता शायना एनसी ने इस पहल का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और कहा कि जहां राजनीतिक इच्छाशक्ति होती है, वहां पीएम मोदी होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने से संसद में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ेगा।
भाजपा ने महिला संवाद जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से अपने जनसंपर्क प्रयासों को भी तेज कर दिया है, जिसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सीधे शामिल करना, कानून के प्रति जागरूकता फैलाना और नागरिकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक को 'नारी शक्ति' को सशक्त बनाने और भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।