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भाजपा का संकल्प पत्र: असम में विकास और रोजगार के लिए नए वादे

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाजपा का संकल्प पत्र जारी किया, जिसमें असम के विकास, कल्याण और रोजगार के लिए कई महत्वपूर्ण वादे शामिल हैं। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने समान नागरिक संहिता लागू करने और दो लाख नौकरियों का आश्वासन दिया। भाजपा का लक्ष्य सुरक्षित और विकसित असम बनाना है, और इसके लिए 2026 के चुनाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानें इस घोषणापत्र में और क्या-क्या शामिल है।
 

भाजपा का घोषणापत्र जारी

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को भाजपा का संकल्प पत्र पेश किया, जिसमें विकास, कल्याण, युवा रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और असमिया पहचान के संरक्षण के लिए पार्टी के प्रमुख वादों का विवरण दिया गया। इस कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, पूर्व मुख्यमंत्री सरबानंदा सोनोवाल, राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया और अन्य नेता उपस्थित थे। वित्त मंत्री ने बताया कि 2026 के असम चुनावों के लिए भाजपा के घोषणापत्र में भूमि, विरासत और स्वदेशी लोगों की गरिमा की रक्षा का वादा किया गया है।


मुख्यमंत्री का वादा

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने और दो लाख नौकरियों का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि हम छठी अनुसूची और अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों को छोड़कर पूरे असम में यूसीसी लागू करेंगे। इसके अलावा, लव जिहाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने और असम को बाढ़ मुक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा, जिसके लिए पहले दो वर्षों में 18,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अगले 5 वर्षों में 2 लाख नौकरियों का लक्ष्य रखा गया है, साथ ही एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज, एक विश्वविद्यालय और एक इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की योजना है।


भाजपा का लक्ष्य

असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य सुरक्षित और विकसित असम बनाना है। उन्होंने बताया कि 2026 का चुनाव असम की जनता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और भाजपा इस चुनाव को सुरक्षित असम के निर्माण के लिए लड़ रही है। संकल्प पत्र तैयार करने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से 24 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं।


वित्त मंत्री का बयान

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि यह घोषणापत्र पिछले एक दशक की उपलब्धियों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि असम में इतने परिवर्तन हुए हैं, जो कांग्रेस के 60 वर्षों के शासन में संभव नहीं हो पाए। उन्होंने यह भी कहा कि असम में शांति और विकास तभी संभव है जब स्थिरता हो।


भाजपा के विकास के दावे

निर्मला सीतारमण ने यह भी बताया कि भाजपा शासन के दौरान असम में अवसरों की वृद्धि के कारण असमी युवा वापस लौट रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने पूर्वोत्तर क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास पर ध्यान नहीं दिया। भाजपा का घोषणापत्र असम के पिछले एक दशक के विकास पर आधारित है, जिसे कांग्रेस 60 वर्षों में भी हासिल नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि भाजपा के संकल्प पत्र में 31 बिंदु शामिल हैं और प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वोत्तर का 77 बार दौरा किया है, जबकि कांग्रेस के सांसद ने शायद 10 बार से अधिक दौरा नहीं किया होगा।