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भगवंत मान की राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात: राज्यसभा सांसदों के विलय पर उठाए सवाल

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में विलय को असंवैधानिक बताया। मान ने सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की और चेतावनी दी कि केंद्र सरकार यदि पंजाब में शक्ति का दुरुपयोग करती है, तो वे कार्रवाई करेंगे। इस मुलाकात में पंजाब के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात भी की गई। जानें इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और अधिक।
 

मुख्यमंत्री भगवंत मान की राष्ट्रपति से मुलाकात

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह बैठक राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास पर आयोजित की गई। इस मुलाकात के बाद, मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों द्वारा भाजपा में विलय करना संविधान का उल्लंघन है और इसे असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार पंजाब में अपनी शक्ति का दुरुपयोग करती है, तो वे उचित कार्रवाई करेंगे।


सांसदों के विलय पर मान की प्रतिक्रिया

भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि यदि उनके दस में से सात सांसद किसी अन्य पार्टी में विलय की घोषणा करते हैं, तो यह कानून के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि सांसदों को आम आदमी पार्टी से इतनी नफरत थी, तो उन्हें इस्तीफा देकर चुनाव लड़ना चाहिए था। मान ने राष्ट्रपति को बताया कि पंजाब में लोकतंत्र का मजाक उड़ाया जा रहा है और सांसदों की सदस्यता को रद्द किया जाना चाहिए।


पार्टी की स्थिति और सांसदों की बैठक

ये सांसद एक सप्ताह पहले आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के विधायक राष्ट्रपति भवन के निकट रेल भवन में एकत्रित हुए और राष्ट्रपति से न्याय की उम्मीद जताई। पार्टी नेताओं के अनुसार, मान और राष्ट्रपति ने आम आदमी पार्टी के छह सांसदों के दल-बदल पर चर्चा की। मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले एक पोस्ट में कहा कि पंजाब के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।