ब्लड प्रेशर की सटीक माप के लिए सही तरीके अपनाएं
ब्लड प्रेशर की जांच का महत्व
जब घर में किसी की तबीयत अचानक बिगड़ती है या नियमित स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता होती है, तो सबसे पहले ब्लड प्रेशर (बीपी) की जांच की जाती है। आजकल, हर परिवार में कोई न कोई व्यक्ति उच्च या निम्न रक्तचाप की समस्या से ग्रस्त है, इसलिए इसे नियंत्रित करने और नियमित रूप से मॉनिटर करने की आवश्यकता पर जोर दिया जाता है। रोजाना डॉक्टर के पास जाकर बीपी चेक कराना सभी के लिए संभव नहीं है, इसलिए अधिकतर लोग घर पर डिजिटल बीपी मॉनिटर का उपयोग करते हैं। हालांकि, सही तरीके से मापने पर ही ब्लड प्रेशर की रीडिंग सटीक होती है।
बीपी चेक करने से पहले की तैयारी
ब्लड प्रेशर मापने से पहले हाथों को अच्छी तरह धोना आवश्यक है। इसके बाद, स्टेथोस्कोप और मैनुअल ब्लड प्रेशर कफ को तैयार करें और मरीज को आराम से बैठाएं। मरीज का हाथ हृदय के स्तर पर होना चाहिए और दोनों पैर सीधे जमीन पर टिके होने चाहिए। सही आकार का कफ चुनना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बहुत बड़ा या बहुत छोटा कफ रीडिंग को गलत कर सकता है।
कफ लगाने की विधि
कफ को कोहनी के मोड़ से लगभग 2 इंच ऊपर बांधें और तीर को ब्रेकियल आर्टरी की दिशा में रखें।
बीपी मापने का सही तरीका
पहली बार बीपी मापते समय दोनों हाथों में जांच करें। यदि रीडिंग में अंतर हो, तो हमेशा उसी हाथ का उपयोग करें जिसमें अधिक रीडिंग आती है। सामान्यतः लोग बाएं हाथ में मापते हैं क्योंकि यह हृदय के करीब होता है।
बीपी मापने की प्रक्रिया
- सिस्टोलिक प्रेशर से लगभग 30 mmHg अधिक कफ फुलाएं।
- स्टेथोस्कोप को ब्रेकियल आर्टरी के ऊपर रखें।
- कफ की हवा को धीरे-धीरे निकालें।
- पहली स्पष्ट ध्वनि सिस्टोलिक प्रेशर है।
- ध्वनि बंद होने का बिंदु डायस्टोलिक प्रेशर है।
ऑटोमैटिक मशीन से बीपी मापने की विधि
- कफ को कोहनी से 2-3 सेंटीमीटर ऊपर बांधें।
- कफ न ज्यादा ढीला हो और न बहुत कसा हुआ।
- हाथ को हृदय की ऊंचाई पर रखें।
- बीपी मशीन का स्टार्ट बटन दबाएं।
- कुछ सेकंड बाद रीडिंग स्क्रीन पर दिखाई देगी।
सामान्य ब्लड प्रेशर के मान
अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के अनुसार, सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg से कम होना चाहिए।