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ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक का सफल समापन, नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ा सहयोग

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत नागपुर में आयोजित परिवहन मंत्रियों की तीसरी बैठक का सफल समापन हुआ। इस बैठक में सदस्य देशों के बीच परिवहन सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण घोषणापत्र को सर्वसम्मति से अपनाया गया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सभी प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया और भारत ने ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों के योगदान की सराहना की। बैठक में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ कई द्विपक्षीय बैठकें भी शामिल थीं।
 

ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक का समापन

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 2026 में महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की तीसरी बैठक का सफलतापूर्वक समापन हुआ है। इसे सदस्य देशों के बीच परिवहन सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस चार दिवसीय बैठक का समापन एक व्यापक मंत्रिस्तरीय घोषणापत्र को सर्वसम्मति से अपनाने के साथ हुआ।


मंत्रिस्तरीय घोषणापत्र की मुख्य बातें

बैठक के अंत में, मंत्रिस्तरीय घोषणापत्र को सर्वसम्मति से अपनाया गया, जिसमें बुनियादी ढांचे में चक्रीयता, सतत विमानन ईंधन (एसएएफ), परिवहन विकार्बनीकरण, शहरी गतिशीलता केंद्र, लॉजिस्टिक्स आपूर्ति श्रृंखला सहयोग और ब्रिक्स रेलवे अनुसंधान नेटवर्क पर सहयोग के लिए साझा विचारों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। विज्ञप्ति में कहा गया है कि परिवहन मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने आम सहमति और सहभागितापूर्ण दृष्टिकोण के साथ इस घोषणापत्र पर सहमति व्यक्त की।


भारत की भूमिका और सहयोग

इस विचार-विमर्श में ब्रिक्स के बीच आपसी सम्मान, समानता और आम सहमति की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बैठक के सफल परिणामों के लिए सभी प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया। भारत ने ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों की रचनात्मक सहभागिता और योगदान के लिए आभार व्यक्त किया, जिसके चलते बैठक का सफल समापन संभव हुआ।


बैठक की संरचना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के परिवहन मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए। चार दिवसीय कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक, परिवहन मंत्रियों की बैठक और द्विपक्षीय बैठकें शामिल थीं, जिसमें ब्रिक्स देशों की समृद्ध विविधता को प्रदर्शित करने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल थीं।