ब्राजील के राष्ट्रपति लूला का अमेरिका के खिलाफ कड़ा बयान, चीन के साथ व्यापारिक गठबंधन का जश्न
वैश्विक कूटनीति में नया मोड़
लैटिन अमेरिका से लेकर वॉशिंगटन और बीजिंग तक फैली वैश्विक कूटनीति में एक नया और तीखा मोड़ आया है। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डी सिल्वा ने अमेरिका के सख्त रवैये के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला है और बीजिंग के साथ अपने नए व्यापारिक गठबंधन का जश्न मनाया है। हाल ही में, चीन ने ब्राजील को 'फुट-एंड-माउथ' रोग से मुक्त देश के रूप में मान्यता दी है। इस फैसले की सराहना करते हुए लूला ने इसे अमेरिका की मनमानी का जवाब बताया। गोइयास राज्य में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में लूला का अंदाज आक्रामक और बेबाक था। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका हमसे सामान नहीं खरीदना चाहता, तो कोई बात नहीं, मैं इसे किसी और को बेच दूंगा।
व्यापार वार्ताओं में गतिरोध
लूला ने बताया कि हाल ही में अमेरिका और ब्राजील के व्यापार वार्ताकारों के बीच तीन बार उच्च स्तरीय मुलाकातें हुईं, लेकिन अमेरिकी टैरिफ के कड़े प्रस्तावों के कारण कोई समझौता नहीं हो सका। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि ब्राजील अब अमेरिका के सामने झुकने को तैयार नहीं है।
अमेरिकी विदेश मंत्री पर लूला का गुस्सा
लूला ने अपने बयान में न केवल बाहरी बल्कि घरेलू विरोधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने ब्राजील के दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो पर गंभीर आरोप लगाए, यह कहते हुए कि बोल्सोनारो ने वाशिंगटन पर दबाव डाला कि वे ब्राजील पर भारी टैरिफ लागू करें। इसके अलावा, लूला ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भी आलोचना की, उन्हें 'लैटिन अमेरिका विरोधी' करार दिया।
बोल्सोनारो की सफाई
फ्लेवियो बोल्सोनारो ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर आग्रह किया था कि ब्राजील की कंपनियों पर कोई दंडात्मक टैरिफ न लगाया जाए। हालांकि, लूला के कड़े बयानों के बाद कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। ब्राजील स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। चीन की इस नई मान्यता ने ब्राजील को एक बड़ा बाजार और अमेरिका के खिलाफ मजबूत कूटनीतिक ढाल प्रदान की है, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध और भी दिलचस्प हो गया है।