बॉम्बे हाई कोर्ट ने नितिन गडकरी को अपमानजनक कंटेंट हटाने में दी राहत
बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को अपमानजनक और डीपफेक सामग्री हटाने में अंतरिम राहत प्रदान की है। गडकरी ने इस सामग्री को हटाने के लिए एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्हें और उनके परिवार को गलत तरीके से E20 इथेनॉल-ब्लेंडिंग प्रोग्राम से जोड़ा गया था। कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया कि वे इस सामग्री को हटाएं और भविष्य में ऐसी सामग्री के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए एक तंत्र विकसित करें। इस मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी।
Aug 5, 2026, 14:30 IST
नितिन गडकरी को मिली अंतरिम राहत
बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बुधवार को एक महत्वपूर्ण अंतरिम राहत प्रदान की। गडकरी ने सरकार के E20 इथेनॉल-ब्लेंडिंग प्रोग्राम से संबंधित अपमानजनक और डीपफेक सामग्री को हटाने के लिए एक मामला दायर किया था। जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मध्यस्थों को निर्देश दिया कि वे गडकरी के खिलाफ अपमानजनक सामग्री को हटाएं। यह मामला गडकरी ने मेटा, X, गूगल/यूट्यूब, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, दूरसंचार विभाग और अज्ञात यूज़र्स के खिलाफ दायर किया था। कोर्ट ने यह माना कि गडकरी द्वारा चिह्नित सामग्री अत्यंत अपमानजनक थी।
कोर्ट के निर्देश और आगे की सुनवाई
गडकरी ने कोर्ट में याचिका दायर कर अपमानजनक सामग्री को हटाने के लिए स्थायी आदेश की मांग की है। याचिका में इस सामग्री को AI द्वारा निर्मित 'मानहानिकारक कंटेंट' और 'डीपफेक कंटेंट' के रूप में वर्गीकृत किया गया है। गडकरी का कहना है कि इस सामग्री में उन्हें और उनके परिवार को E20 प्रोग्राम से अनुचित लाभ उठाने का आरोप लगाया गया है। कोर्ट ने गूगल और मेटा को यह भी निर्देश दिया कि वे एक ऐसा तंत्र विकसित करें जिससे बिना कोर्ट आए ही आपत्तिजनक सामग्री को हटाया जा सके। इस मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी।