×

बेंगलुरु में सब्जियों में लेड की बढ़ती मात्रा: स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा

बेंगलुरु में सब्जियों में लेड की मात्रा चिंताजनक स्तर तक पहुंच गई है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। हाल ही में की गई जांच में कई सब्जियों में लेड की मात्रा FSSAI की सुरक्षित सीमा से कहीं अधिक पाई गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रदूषण मुख्य रूप से सीवेज पानी के उपयोग और दूषित मिट्टी के कारण है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं को सुरक्षित सब्जियां चुनने और उन्हें सही तरीके से धोने की सलाह दी है। जानें इस समस्या के बारे में और कैसे बचें।
 

बेंगलुरु की सब्जियों में जहर का खतरा


बेंगलुरु, 5 मार्च 2026: कर्नाटक की आईटी राजधानी बेंगलुरु में सब्जियों की गुणवत्ता अब स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन गई है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) द्वारा हाल ही में किए गए एक अध्ययन में शहर और उसके आसपास के बाजारों से 72 सब्जियों के नमूनों की जांच की गई। इनमें से 19 नमूनों (लगभग 26%) में लेड (सीसा) की मात्रा FSSAI द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से कहीं अधिक पाई गई। सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह है कि बैंगन में लेड की मात्रा 1.953 mg/kg तक पहुंच गई, जबकि सुरक्षित सीमा केवल 0.1 mg/kg है, यानी यह लगभग 20 गुना अधिक है! यहां तक कि एक 'ऑर्गेनिक' लेबल वाला बैंगन का नमूना भी इस जहरीले तत्व से प्रभावित पाया गया।


रिपोर्ट के अनुसार, छोटी लौकी (टोंडेकाई या ivy gourd) में लेड की मात्रा 18 गुना, फ्लैट बीन्स में 9 गुना और पत्तेदार सब्जियों में 5 गुना तक अधिक पाई गई। अन्य प्रभावित सब्जियों में करेला, बीन्स, गोभी, शिमला मिर्च और खीरा शामिल हैं। जांच में 18 प्रकार के कीटनाशकों के अवशेष भी मिले, जिनमें से 12 प्रतिबंधित या अधिक मात्रा में थे।


प्रदूषण के कारण: विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रदूषण मुख्य रूप से अनट्रीटेड या आंशिक रूप से ट्रीटेड सीवेज पानी से सिंचाई, शहर की हवा से गिरने वाली धूल और दूषित मिट्टी के कारण हो रहा है। बेंगलुरु के आसपास के खेतों में सीवेज का उपयोग आम है, जिससे भारी धातुएं सब्जियों में पहुंच रही हैं।


स्वास्थ्य पर प्रभाव: लेड एक 'स्लो पॉइजन' है। लंबे समय तक इसके सेवन से बच्चों में मस्तिष्क विकास प्रभावित हो सकता है, IQ कम हो सकता है, और यह एनीमिया, किडनी फेलियर, उच्च रक्तचाप और नर्वस सिस्टम की समस्याएं पैदा कर सकता है। वयस्कों में भी यह हृदय, किडनी और प्रजनन स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।


डॉक्टरों की सलाह: स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:



  • सब्जियां खरीदते समय ताजा और लोकल ऑर्गेनिक चुनें, लेकिन लेबल पर भरोसा न करें – जांच रिपोर्ट्स देखें।

  • सब्जियों को अच्छी तरह धोएं: 2-3 बार साफ पानी में भिगोकर, फिर सिरका या बेकिंग सोडा के घोल में 10-15 मिनट रखें, फिर बहते पानी से धो लें।

  • छिलके वाली सब्जियां छीलकर इस्तेमाल करें (जहां संभव हो)।

  • पत्तेदार सब्जियों को ज्यादा उबालकर पानी फेंक दें, क्योंकि लेड पानी में घुल जाता है।

  • घर पर ही सब्जियां उगाएं अगर संभव हो – छोटे गमलों में भी ऑर्गेनिक तरीके से।

  • विविध आहार लें, रोज एक ही सब्जी न खाएं।

  • बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए।

  • अगर लक्षण जैसे थकान, सिरदर्द, पेट दर्द दिखें तो डॉक्टर से जांच करवाएं।


यह रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को सौंपी गई है, और अब अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग हो रही है। बेंगलुरु वासियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और सब्जियों की सुरक्षा के लिए जागरूक रहें।