बेंगलुरु में पुजारियों को ठगने वाला जालसाज गिरफ्तार
भक्ति की आड़ में ठगी का मामला
कर्नाटक के बेंगलुरु से एक अनोखा ठगी का मामला सामने आया है। राजाजीनगर पुलिस ने एक शातिर ठग को पकड़ा है, जो खुद को एक बड़ा व्यापारी बताकर मंदिरों के पुजारियों का विश्वास जीतता था और फिर उनके परिवार के आभूषण चुरा ले जाता था। पुलिस ने आरोपी प्रवीण भट्ट के पास से लगभग 15 लाख रुपये के आभूषण बरामद किए हैं।
प्रवीण भट्ट की ठगी की तकनीक बेहद चालाक थी। वह शहर के विभिन्न मंदिरों में जाकर खुद को एक समृद्ध व्यवसायी के रूप में प्रस्तुत करता था। पुजारियों का विश्वास जीतने के लिए वह मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करवाता और दान-पात्र में बड़ी राशि डालता था, जिससे किसी को शक न हो।
नई दुकान के उद्घाटन का बहाना
जब पुजारी उस पर भरोसा करने लगते, तब प्रवीण अपना असली खेल खेलता। वह कहता कि उसने एक नई दुकान खोली है और उसके उद्घाटन के लिए पुजारी के परिवार की उपस्थिति और आशीर्वाद की आवश्यकता है।
अधिकतर पुजारी अपनी पत्नी या परिवार की महिलाओं को उसके साथ भेज देते थे। आरोपी महिलाओं को ऑटो में बैठाकर ले जाता और रास्ते में कहता, "जहां हम जा रहे हैं, वहां गहने पहनना ठीक नहीं है, कृपया इन्हें उतारकर मुझे दे दें, मैं बाद में लौटा दूंगा।" जैसे ही महिलाएं गहने उसे सौंपतीं, वह उन्हें बीच रास्ते में छोड़कर भाग जाता।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
राजाजीनगर पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि प्रवीण के खिलाफ हेब्बल, राममूर्तिनगर, सिटी मार्केट, और सीके अचुकट्टू जैसे क्षेत्रों में धोखाधड़ी के 5 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसके पास से 116 ग्राम सोना और 409 ग्राम चांदी बरामद की है। वर्तमान में, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि अन्य संभावित मामलों का पता लगाया जा सके।