बृजमोहन अग्रवाल: छत्तीसगढ़ की राजनीति के अजेय नायक
बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर के एक प्रमुख राजनीतिक चेहरे, ने अपनी यात्रा में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। उनकी स्थायी लोकप्रियता और जनसंपर्क कौशल ने उन्हें छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। वे न केवल एक सफल नेता हैं, बल्कि लोगों के दिलों में भी बसे हुए हैं। इस लेख में हम उनके राजनीतिक सफर, चुनावी रणनीतियों और उनके व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे।
May 1, 2026, 19:33 IST
रायपुर का प्रिय चेहरा
रायपुर में रहते हुए, समय की कमी के बावजूद, एक व्यक्ति से मिलने की इच्छा होती है। वह व्यक्ति है बृजमोहन अग्रवाल। जब से मैंने राजनीति को समझना शुरू किया, तब से वे रायपुर के सबसे चर्चित चेहरे रहे हैं। भले ही वे अब दिल्ली में हों, लेकिन रायपुर उनके दिल में बसा हुआ है। बृजमोहन और रायपुर का संबंध बहुत गहरा है। रामसागरपारा मोहल्ले से लेकर छात्र राजनीति और फिर राज्य की राजनीति में उनकी यात्रा बेहद दिलचस्प है। वे एक अजेय नेता हैं, जिनका जनसंपर्क अद्वितीय है। मध्य प्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ तक उनके समर्थकों की संख्या बहुत बड़ी है, जिसमें कलाकार, पत्रकार, साहित्यकार और रंगकर्मी शामिल हैं। आम जनता के बीच वे ‘मोहन भैया’ के नाम से जाने जाते हैं। छत्तीसगढ़ में जहां कांग्रेस की गहरी जड़ें हैं, वहां उनकी स्थायी लोकप्रियता असाधारण है।
चुनावी रण में बृजमोहन का योगदान
जब बृजमोहन अग्रवाल चुनावी मैदान में होते हैं, तो वे भाजपा के लिए एक शुभंकर की तरह होते हैं। उनके मैदान में उतरने से पहले ही आधा चुनाव जीत लिया जाता है। वे कार्यकर्ताओं के नेता हैं और लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। इसलिए, छत्तीसगढ़ में उपचुनावों के दौरान उन्हें अक्सर चुनाव संचालक बनाया जाता है। उनकी मेहनत और निरंतरता उन्हें जीत की गारंटी बनाती है। मध्य प्रदेश में उनके जलवे आज भी देखे जा सकते हैं। छत्तीसगढ़ की स्थापना के 25 साल बाद भी, वे अपनी पुरानी राजधानी भोपाल को नहीं भूले हैं।
कुर्सी पर बैठने का उनका नजरिया
राजनीति में कई लोग सामान्य सफलताओं के बाद गायब हो जाते हैं, लेकिन बृजमोहन अग्रवाल ने स्थिरता और परंपरा को बनाए रखा है। वे अपने विचारों पर अडिग रहते हैं और विरोधियों को शत्रु नहीं मानते। वे हमेशा लोगों से मिलते हैं, जिससे एक आत्मीयता का अनुभव होता है। उनकी व्यस्तता के बावजूद, जनता का प्यार उन्हें निरंतर काम करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने अपने परिवार का ख्याल रखा है और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा को बनाए रखा है।
संवाद और संबंधों की शक्ति
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के क्षेत्र में मेरी यात्रा के दौरान, मैंने बृजमोहन को 1994 में पहली बार देखा। उनके व्यवहार और आत्मीयता की चर्चा हर जगह थी। संवाद और मधुर व्यवहार ने उन्हें एक बड़ा नेता बना दिया। राजनीति में पद और पैसा तो कई लोगों के पास हैं, लेकिन बृजमोहन का स्वभाव उन्हें अलग बनाता है। वे कठिनाइयों में भी खड़े रहते हैं और जनता का प्यार उनके साथ होता है।
बृजमोहन का राजनीतिक सफर
बृजमोहन अग्रवाल की राजनीतिक यात्रा प्रेरणादायक है। छात्र नेता से लेकर दो राज्यों में मंत्री और सांसद बनने तक का उनका सफर साधारण नहीं है। उनकी निरंतर जीत ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है। वे राजनीति में मानवता और संवेदनशीलता के प्रतीक हैं। उनके पास मित्रों का एक बड़ा संसार है, जो उन्हें राजनीति में प्रासंगिक बनाए रखता है।