बुरहानपुर में ताप्ती नदी पर आधारित जल आवर्धन योजना से जल आपूर्ति में सुधार
बुरहानपुर की जल आपूर्ति प्रणाली में सुधार
भोपाल
ताप्ती नदी पर आधारित जल आवर्धन योजना ने बुरहानपुर शहर को एक आधुनिक और विश्वसनीय जल आपूर्ति प्रणाली प्रदान की है। इस परियोजना का कार्यान्वयन मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और नगर निगम बुरहानपुर द्वारा किया गया है। बुरहानपुर में बढ़ती जनसंख्या और बदलती जीवनशैली के कारण सुरक्षित पेयजल की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। शहर की पुरानी जल वितरण प्रणाली में कई समस्याएं थीं, जैसे ट्यूबवेलों में लीकेज और गंदगी का मिलना। इसके अलावा, गिरते भूजल स्तर ने जल की उपलब्धता को संकट में डाल दिया था।
आधुनिक जलशोधन संयंत्र की स्थापना
इन समस्याओं के समाधान के लिए ताप्ती नदी पर एक नई जलप्रदाय प्रणाली विकसित की गई है। इस प्रणाली में एनीकट, इंटेकवेल और 50 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक जलशोधन संयंत्र शामिल है। इस संयंत्र में पानी को वैज्ञानिक प्रक्रियाओं जैसे फिल्ट्रेशन और क्लोरीनेशन के माध्यम से शुद्ध किया जाता है। स्काडा प्रणाली के माध्यम से जल की गुणवत्ता और आपूर्ति की निरंतर निगरानी की जाती है। इसके अलावा, पानी की गुणवत्ता की दैनिक जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जल परीक्षण प्रयोगशाला भी स्थापित की गई है। शुद्ध जल को 8 नए ओवरहेड टैंकों और बेहतर पाइप नेटवर्क के माध्यम से शहर के हर हिस्से में पहुंचाया जा रहा है।
41,000 घरों में मीटर युक्त नल कनेक्शन
इस योजना के अंतर्गत पुराने और क्षतिग्रस्त पाइपों को हटाकर नया वितरण नेटवर्क स्थापित किया गया है। बुरहानपुर में लगभग 41,000 घरों में मीटरयुक्त नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे जल की बर्बादी में कमी आई है और जल वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी हो गई है। वर्तमान में, नगरवासियों को प्रतिदिन लगभग 135 लीटर शुद्ध पेयजल मिल रहा है। पहले 275 ट्यूबवेलों से जलापूर्ति की जा रही थी, लेकिन नई प्रणाली के कारण टैंकरों और ट्यूबवेलों पर निर्भरता लगभग समाप्त हो गई है। इस योजना के कार्यान्वयन से लगभग 8 करोड़ रुपये की बचत होगी। पहले नगर निगम को भूजल आधारित योजना के संचालन पर 10 से 12 करोड़ रुपये का वार्षिक व्यय आता था, जो अब घटकर लगभग 4 करोड़ रुपये हो जाएगा।
सतत संपर्क से योजना का सफल कार्यान्वयन
हर घर में पंजीकृत नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित जल उपयोग, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामुदायिक जिम्मेदारी के प्रति स्थायी व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए एमपीयूडीसी ने व्यापक संपर्क किया। नए जल तंत्र में विश्वास स्थापित करना एक बड़ी चुनौती थी, जिसके लिए घर-घर सर्वेक्षण, सामुदायिक परामर्श और फोकस समूह बैठकें आयोजित की गईं। परियोजना के पूरा होने के बाद जलजनित रोगों में भी कमी आई है। बुरहानपुर जल आवर्धन योजना ने शहर को सुरक्षित, स्वच्छ और सतत जल आपूर्ति की मजबूत नींव प्रदान की है, जो स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दे रही है।