बुजुर्गों के लिए नई तकनीक: अब चेहरा बनेगा पेंशन की पहचान
DigiPay के माध्यम से बुजुर्गों की पेंशन
बांदीकुई। घनश्याम प्रजापत। भारत सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के संचालक अब DigiPay (आधार सक्षम भुगतान प्रणाली) का उपयोग करके गांव-गांव जाकर बुजुर्गों की पेंशन निकालने का कार्य कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में Face Authentication (चेहरा प्रमाणीकरण) तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है।
अब बुजुर्गों को पेंशन के लिए बैंक जाने की आवश्यकता नहीं है, और न ही फिंगरप्रिंट न मिलने पर निराश होना पड़ेगा।
बुजुर्गों के लिए यह तकनीक एक वरदान साबित हो रही है।
फिंगरप्रिंट की समस्या का समाधान: उम्रदराज लोगों की उंगलियों की रेखाएं अक्सर घिस जाती हैं, जिससे बायोमेट्रिक मशीन उन्हें पहचानने में असफल रहती है। चेहरा प्रमाणीकरण इस समस्या को पूरी तरह से समाप्त कर देता है।
बैंकिंग सेवा आपके दरवाजे पर: सीएससी संचालक अब स्मार्टफोन के माध्यम से बुजुर्गों के बिस्तर या सोफे तक पहुंच रहे हैं, जिससे चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को सुविधा मिल रही है।
सुरक्षित और सरल: चेहरे से मिलान करने वाली तकनीक (Face RD Service) अत्यधिक सुरक्षित है। इसमें धोखाधड़ी की संभावना नहीं होती क्योंकि यह 'Live Eye Blink' (पलकें झपकाने) पर आधारित है।
जिला प्रबंधक कमलेश कुमार शर्मा ने बताया कि सीएससी संचालकों के लिए DigiPay का उपयोग अब पहले से कहीं अधिक सरल हो गया है।
बिना डिवाइस के लेनदेन: अब संचालकों को भारी फिंगरप्रिंट स्कैनर साथ रखने की आवश्यकता नहीं है। मोबाइल कैमरा अब स्कैनर का काम कर रहा है।
सफलता की उच्च दर: फिंगरप्रिंट की तुलना में चेहरा प्रमाणीकरण के सफल होने की संभावना अधिक होती है, जिससे लेनदेन विफल होने का डर कम हो जाता है।
ग्रामीण सेवा का विस्तार: इससे संचालकों का विश्वास गांव के बुजुर्गों के बीच बढ़ेगा, जिससे उनके केंद्र पर लेनदेन की संख्या में वृद्धि होगी।
चेहरा प्रमाणीकरण के दौरान ध्यान देने योग्य 3 बातें:
पर्याप्त रोशनी: चेहरा स्कैन करते समय चेहरे पर पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी होनी चाहिए।
स्थिरता: स्कैनिंग के दौरान बुजुर्ग का चेहरा और संचालक का फोन दोनों स्थिर रहना चाहिए।
आंखों की हरकत: ऐप में निर्देश आने पर बुजुर्ग को अपनी पलकें झपकानी चाहिए ताकि प्रमाणीकरण सफल हो सके।
जिला प्रबंधक ने बताया कि यह पहल डिजिटल इंडिया के सपने को साकार कर रही है, जहां तकनीक समाज के सबसे जरूरतमंद लोगों, विशेषकर बुजुर्गों के लिए उपयोगी हो रही है।