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बीजेपी प्रवक्ता ने तरुण तेजपाल के मामले में कांग्रेस की चुप्पी पर उठाए सवाल

बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को एक भाषण में कांग्रेस पार्टी की चुप्पी पर सवाल उठाया, जब तरुण तेजपाल को 2013 के बलात्कार मामले में दोषी ठहराया गया। उन्होंने कांग्रेस के अतीत के संबंधों और पक्षपातपूर्ण रवैये पर भी प्रकाश डाला। त्रिवेदी ने कांग्रेस से स्पष्टता की मांग की कि तेजपाल के साथ उनके संबंध क्या थे। इस मामले में कांग्रेस की चुप्पी को लेकर उठाए गए सवालों ने राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है।
 

सुधांशु त्रिवेदी का तीखा हमला

सोमवार को एक प्रभावशाली भाषण में, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पार्टी की 'तहलका' के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल के साथ पुराने संबंधों पर सवाल उठाए। हाल ही में, बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने तेजपाल को 2013 के बलात्कार मामले में दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर सजा सुनाई। त्रिवेदी ने कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए अतीत की घटनाओं का उल्लेख किया, जब तेजपाल को पार्टी नेताओं का समर्थन प्राप्त था। उन्होंने 2004 में तत्कालीन UPA नेता सोनिया गांधी द्वारा वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को 'तहलका' और उसके फाइनेंसर को परेशान न करने का निर्देश देने की घटना का जिक्र किया।


कांग्रेस पर पक्षपात का आरोप

त्रिवेदी ने कांग्रेस पर पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाते हुए 'तहलका' के विवादास्पद स्टिंग ऑपरेशन से संबंधित जस्टिस फूकन कमीशन की रिपोर्ट को पेश न करने में उनकी लापरवाही की ओर इशारा किया। उन्होंने बीजेपी सरकार द्वारा इस मामले की फिर से जांच करने के प्रयासों पर जोर दिया और कांग्रेस की कथित मिलीभगत पर स्पष्टता की मांग की। उन्होंने कहा कि हाल ही में तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया गया है, लेकिन कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।


कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इतने समय बाद भी कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने यह भी कहा कि नारी की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर कांग्रेस की चुप्पी दर्शाती है कि उनकी सोच कितनी एकपक्षीय है। उन्होंने कहा कि यह वही बिजनेस हाउस है जिसने विवादास्पद स्टिंग ऑपरेशन किया था। जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने जांच आयोग का गठन किया, तब स्टिंग करने वाले समूह ने टेप्स को वैरिफाई करने से मना कर दिया।


कांग्रेस से सवाल

भाजपा नेता ने कहा कि यूपीए के समय में सोनिया गांधी ने पी. चिदंबरम को पत्र लिखकर तहलका और उसके फाइनेंसर के साथ सकारात्मक व्यवहार करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि क्या उस समय उनकी सरकार अनफेयर ट्रीटमेंट कर रही थी। त्रिवेदी ने यह भी याद दिलाया कि 2021 में जब तरुण तेजपाल को निचली अदालत से बरी किया गया था, तब उन्होंने कांग्रेस का धन्यवाद किया था। अब बीजेपी कांग्रेस से स्पष्टता की मांग कर रही है कि उनके और तेजपाल के बीच क्या संबंध थे।


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