बीजेपी की महिलाएँ खड़गपुर में रैली कर पीएम मोदी को देंगी धन्यवाद
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की महिलाएँ खड़गपुर में एक रैली का आयोजन करेंगी, जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023' के लिए धन्यवाद देना है। इस अधिनियम के तहत महिला विधायकों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। दिलीप घोष ने इस रैली के महत्व को बताते हुए कहा कि जो लोग इस विधेयक का विरोध करेंगे, उन्हें महिलाएँ और देश कभी माफ नहीं करेंगे। इसके अलावा, टीएमसी सांसद सौगत रॉय की आलोचना भी की गई है, जो परिसीमन बिल का विरोध कर रहे हैं। जानें इस रैली और उसके पीछे की राजनीति के बारे में।
Apr 17, 2026, 12:42 IST
महिलाओं की रैली का आयोजन
बीजेपी के पश्चिम बंगाल नेता दिलीप घोष ने शुक्रवार को जानकारी दी कि पार्टी की महिलाएँ खड़गपुर में एक रैली का आयोजन करेंगी। इस रैली का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023' के लिए आभार व्यक्त करना है। इस अधिनियम में महिला विधायकों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। खड़गपुर सदर से बीजेपी के उम्मीदवार ने पत्रकारों से कहा कि हम पीएम मोदी का धन्यवाद करना चाहते हैं। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा आयोजित रैली में शामिल होकर हम उनका आभार व्यक्त करेंगे। जो लोग इस विधेयक का विरोध करेंगे, उन्हें महिलाएँ और देश कभी माफ नहीं करेंगे।
परिसीमन बिल पर टीएमसी सांसद की आलोचना
घोष ने परिसीमन बिल, 2026 का विरोध करने के लिए टीएमसी सांसद सौगत रॉय की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि रॉय को दक्षिण भारत के मुद्दों पर विचार करने की आवश्यकता नहीं है। उनका विरोध केवल राजनीति का हिस्सा है। सौगत रॉय ने कहा कि विपक्षी दल संसद में परिसीमन के खिलाफ मतदान करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि परिसीमन की प्रक्रिया से लोकसभा में दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। रॉय ने कहा कि हम इसके खिलाफ हैं और सभी विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार की मंशा क्या है, लेकिन यह एक गलत नीति है। इससे दक्षिण भारतीय राज्यों पर असर पड़ेगा।
महिला आरक्षण बिल पर मीनाक्षी लेखी की टिप्पणी
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता मीनाक्षी लेखी ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में संशोधन लाने का सही समय बताया, ताकि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए दो-तिहाई आरक्षण लागू किया जा सके। उन्होंने कहा, मैं महिला आरक्षण बिल को पास करने के लिए प्रधानमंत्री और संसद का धन्यवाद करती हूँ। यह एकता का ऐतिहासिक क्षण है, लेकिन असली चुनौती इसे लागू करने में होगी। इतिहास गवाह है कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद महिलाओं को सत्ता की संरचनाओं में हाशिए पर धकेल दिया गया। यह घटना लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026, और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर हुई तीखी बहस के बाद सामने आई है। विपक्षी सांसदों ने संवैधानिक संशोधन को लेकर चिंता जताई है, जिसके तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन किया जाना है और लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 की जानी है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित कानून सदन में दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व को कम कर देगा।