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बीकानेर में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक: बजट घोषणाओं की समीक्षा

बीकानेर में अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री उम्मेद सिंह रतनू ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में राज्य बजट घोषणाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे बजट घोषणाओं का प्रभावी और समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में भूमि अधिग्रहण मामलों के त्वरित निस्तारण और आम जनता की शिकायतों के समाधान पर जोर दिया गया। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और लंबित कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
 

बीकानेर में अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक


बीकानेर। सोमवार को, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) श्री उम्मेद सिंह रतनू ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में राज्य बजट घोषणाओं और संपर्क पोर्टल पर दर्ज मामलों की गहन समीक्षा की गई। उन्होंने विभिन्न विभागों को निर्देशित किया कि बजट घोषणाओं का प्रभावी और समयबद्ध कार्यान्वयन प्राथमिकता के साथ किया जाए।


बैठक में एडीएम प्रशासन ने जिला प्रभारी सचिव के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी संबंधित विभागों को अगले तीन महीनों के लिए स्पष्ट कार्य लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए और उसी के अनुसार नियमित प्रगति सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बजट घोषणाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। विशेष रूप से भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों का त्वरित निस्तारण आवश्यक है, ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।


उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए और जिन परियोजनाओं में बहु-विभागीय सहयोग की आवश्यकता है, उनमें नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए। इसके अलावा, प्रत्येक विभाग को लंबित कार्यों की निरंतर समीक्षा कर प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।


संपर्क पोर्टल की समीक्षा के दौरान, श्री रतनू ने कहा कि आम जनता की शिकायतों का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से मामलों की मॉनिटरिंग करनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिया कि वे शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित करें, जिससे समस्या की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और समाधान के प्रति संतोष का स्तर बढ़ सके।


बैठक में चिकित्सा, परिवहन, पुरातत्व, आरयूआईडीपी, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी), भूजल विभाग, राजस्थानी भाषा अकादमी, रसद विभाग, विद्युत विभाग, और सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।