बिहार सरकार की सुरक्षा कम करने के फैसले पर लालू प्रसाद का आरोप, जदयू ने किया खंडन
जदयू ने लालू प्रसाद के आरोपों का किया खंडन
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने राजद के नेता लालू प्रसाद यादव द्वारा लगाए गए आरोपों को नकार दिया है। लालू ने कहा था कि बिहार सरकार द्वारा उनकी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा कम करने के पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हाथ है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि जब नीतीश कुमार सत्ता में थे, तब राबड़ी देवी उनके निवास पर रहीं। अब जब सरकार ने उन्हें एक अलग और उचित आवास प्रदान किया है, तब भी लालू दबाव की राजनीति कर रहे हैं।
चौधरी ने सुरक्षा और आवास से जुड़े निर्णयों में राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सुरक्षा समिति और पुलिस विभाग स्वतंत्र रूप से ऐसे निर्णय लेते हैं। बुधवार को लालू ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा कम करने के निर्णय के लिए वही जिम्मेदार हैं। हाल ही में, NDA सरकार ने लालू और राबड़ी देवी की 'Z-प्लस' सुरक्षा को घटा दिया और उन्हें 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का आदेश दिया।
लालू के आवास को लेकर मंत्री का बयान
मंत्री मदान साहनी ने कहा कि लालू लगभग 20 वर्षों तक उस सरकारी आवास में रहे और उस दौरान किसी ने भी उनसे घर खाली करने के लिए नहीं कहा। उन्होंने यह भी कहा कि अब जब सरकार बदल गई है, तो यह मामला भवन निर्माण विभाग और सुरक्षा समिति के अधिकार क्षेत्र में आता है। लालू को इस मामले में नीतीश कुमार का नाम नहीं लेना चाहिए था। बिहार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नियमों के अनुसार लालू और राबड़ी देवी को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
बुधवार को पुलिस ने एक पोस्ट में कहा कि दोनों नेताओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित प्रावधानों के अनुसार बनाए रखी जा रही है।
लालू को मिली सुरक्षा
स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप (SSG) एक्ट, 2010 के तहत लालू को बॉडीगार्ड, आवास पर गार्ड, एस्कॉर्ट गार्ड, एक पायलट गाड़ी और बैलिस्टिक-रेसिस्टेंट गाड़ी प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, सादे कपड़ों में स्पेशल ब्रांच के जवानों को भी निगरानी के लिए तैनात किया गया है।
राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर
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