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बिहार सरकार की सहयोग शिविर पहल: 5.83 लाख जनशिकायतों में से 5.33 लाख का समाधान

बिहार सरकार ने हाल ही में सहयोग शिविर पहल के तहत 5.83 लाख जनशिकायतों में से 5.33 लाख का समाधान किया है। इस पहल के अंतर्गत विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कई लंबित हैं। अधिकारियों ने बताया कि पटना जिले में लंबित मामलों की संख्या सबसे अधिक है। इसके अलावा, स्वचालित अपील व्यवस्था भी लागू की गई है, जिससे समय सीमा के भीतर निपटारे न होने पर अपील स्वतः दर्ज हो जाती है। जानें इस पहल के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 

सहयोग शिविर पहल का विवरण

बिहार सरकार ने हाल ही में शुरू की गई सहयोग शिविर पहल के तहत 5.83 लाख से अधिक जनशिकायतों में से 5.33 लाख का समाधान कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, 19 मई को शुरू की गई इस पहल के तहत कुल 5,83,866 आवेदन प्राप्त हुए हैं।


इनमें से 5,33,904 मामलों का निपटारा किया गया है, जबकि 19,718 आवेदन अस्वीकृत हुए हैं और 30,244 मामले अभी लंबित हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पटना जिले में लंबित मामलों का प्रतिशत सबसे अधिक है, जहां 9.33 प्रतिशत आवेदन अभी भी निपटारे की प्रतीक्षा कर रहे हैं।


प्रमुख आंकड़े और जानकारी

पटना में कुल 28,206 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 24,663 का समाधान किया गया, 911 अस्वीकृत हुए और 2,632 लंबित हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मोहम्मद सोहैल ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सहयोग शिविर में अब तक 5,83,866 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग दो से ढाई महीने के भीतर 5,33,904 मामलों का समाधान किया गया है।


उन्होंने यह भी बताया कि बिहार लोक सेवाओं का अधिकार (आरटीपीएस) अधिनियम, 2011 के तहत जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के लिए 53.8 करोड़ से अधिक आवेदनों का निपटारा किया गया है।


स्वचालित अपील व्यवस्था

सोहैल ने कहा कि राज्य सरकार ने 23 जून से आरटीपीएस सेवाओं में देरी होने पर स्वचालित अपील व्यवस्था लागू की है। इस व्यवस्था के तहत, यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन का निपटारा नहीं होता है, तो वह स्वतः अपीलीय स्तर पर पहुंच जाता है।


अब तक इस व्यवस्था के तहत 6,934 अपील स्वतः दर्ज की गई हैं, जिनमें से 5,503 का समाधान किया जा चुका है।


अन्य महत्वपूर्ण पहल

सोहैल ने बताया कि 22 जनवरी, 2016 से बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत प्रमंडल, अनुमंडल और जिला स्तर पर तैनात विशेष अधिकारियों के माध्यम से 19.38 लाख से अधिक शिकायतों का निपटारा किया गया है।


उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2019 में शुरू की गई बिहार सरकारी कर्मचारी शिकायत निवारण प्रणाली के तहत कार्यरत और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों की 16,106 शिकायतों का समाधान किया गया है।


इसके अलावा, 'सात निश्चय-2' और 'सात निश्चय-3' के तहत 10,27,839 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जिसमें 8,19,634 लोगों की नियमित नियुक्ति और 1,32,558 लोगों की संविदा पर नियुक्ति शामिल है।


भर्ती प्रक्रिया और मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना

सोहैल ने बताया कि वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान विभिन्न विभागों में 1,72,218 रिक्त पदों को भरने के लिए विभिन्न भर्ती आयोगों और बोर्ड को प्रस्ताव भेजे गए हैं। साथ ही, शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई-4) के चौथे चरण के लिए भी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।


उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) बोधगया के सहयोग से संचालित मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत 107 प्रबंधन विशेषज्ञों को विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात किया गया है, ताकि आधुनिक प्रशासनिक पद्धतियों के माध्यम से सुशासन को और मजबूत किया जा सके।