×

बिहार में राजनीतिक हलचल: नीतीश कुमार का राज्यसभा में नामांकन

बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ आ रहा है, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं। इस घटनाक्रम से यह संकेत मिलता है कि बिहार में जल्द ही नया मुख्यमंत्री देखने को मिल सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे। क्या नीतीश कुमार इस्तीफा देकर राज्यसभा में जाएंगे? और क्या उनके बेटे निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा? जानें इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में अधिक जानकारी।
 

बिहार की राजनीति में नया मोड़

बिहार से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बृहस्पतिवार को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, यह प्रक्रिया सुबह 11:30 बजे होगी, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उपस्थित रहेंगे। यह संकेत करता है कि बिहार में जल्द ही नया मुख्यमंत्री देखने को मिल सकता है।


नीतीश कुमार, जो पिछले 20 वर्षों से मुख्यमंत्री पद पर हैं, संभवतः इस बार इस्तीफा देकर राज्यसभा में शामिल होंगे। इस स्थिति से भाजपा को भी लाभ मिल सकता है, क्योंकि पार्टी बिहार में अपने मुख्यमंत्री की नियुक्ति कर सकती है। हालांकि, अभी तक नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं की गई है।


यदि नीतीश कुमार राज्यसभा में जाते हैं, तो उनके बेटे निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। खबरों के अनुसार, निशांत कुमार जल्द ही जदयू में शामिल होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पटना में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नामांकन समारोह में भाग लेने के लिए जा रहे हैं।


यह दौरा राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों के लिए भाजपा द्वारा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के बाद हो रहा है, जिसमें छह राज्यों से नौ नामों को मंजूरी दी गई है।


भाजपा ने बिहार से नितिन नबीन और शिवेश कुमार को उम्मीदवार के रूप में चुना है। असम में तेरश गोवाला और जोगेन मोहन को नामांकित किया गया है, जबकि लक्ष्मी वर्मा छत्तीसगढ़ से चुनाव लड़ेंगी। हरियाणा से संजय भाटिया और ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार भी पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे।


महाराष्ट्र में भाजपा ने चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है, जिनमें केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और भाजपा महासचिव विनोद तावड़े शामिल हैं। रामदास अठावले एक बार फिर राज्यसभा में चुने जाने के लिए तैयार हैं, जबकि विनोद तावड़े पहली बार इस पद के लिए प्रयास कर रहे हैं।


भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी राज्यसभा द्विवार्षिक चुनावों के लिए मतदान की तारीख 16 मार्च निर्धारित की है। मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे शुरू होगी और यह प्रक्रिया 20 मार्च तक पूरी होगी।