बिहार में मंत्री नीतीश मिश्रा की समीक्षा बैठक: शिकायतों का त्वरित समाधान आवश्यक
बिहार के नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने आज एक समीक्षा बैठक में लंबित शिकायतों और निगरानी मामलों की चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों का त्वरित समाधान किया जाए। मंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की बात कही और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 262.37 करोड़ रुपये की स्वीकृति की जानकारी दी। जानें इस बैठक में और क्या महत्वपूर्ण बातें हुईं।
Jun 8, 2026, 19:12 IST
शिकायतों की समीक्षा बैठक
बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री, श्री नीतीश मिश्रा ने आज एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में विभाग के विभिन्न स्तरों पर लंबित शिकायतों और निगरानी मामलों की गहन समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों द्वारा प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान किया जाए।
समस्याओं का त्वरित समाधान
श्री मिश्रा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दे आम जनता की समस्याओं से जुड़े होते हैं। इसलिए, इन शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट और प्रभावी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि हर शिकायत का समय पर और पारदर्शी समाधान हो सके।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
मंत्री ने सभी लंबित मामलों की समीक्षा कर उन्हें शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों और आरोपों की जांच प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि दोषी अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
निष्पक्षता और पारदर्शिता पर जोर
श्री मिश्रा ने कहा कि शिकायतों की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां दोष सिद्ध हो, वहां कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, असत्य शिकायतों पर भी गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि ईमानदारी से काम कर रहे अधिकारियों का मनोबल प्रभावित न हो।
प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्यान्वयन
मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना-2.0 के तहत राज्य के 200 लाभार्थी आधारित निर्माण परियोजनाओं के लिए 262.37 करोड़ रुपये की द्वितीय किस्त की स्वीकृति दी गई है। इससे राज्य के पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण में तेजी लाने में मदद मिलेगी और शहरी गरीब परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा होगा।