बिहार में भूमि क्रय नीति में बदलाव से ग्रीनफील्ड टाउनशिप को मिलेगी नई दिशा
बिहार के नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए भूमि क्रय नीति में महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। इस निर्णय से भू-स्वामियों को उनकी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। नई नीति के तहत, शहरी और ग्रामीण भूमि के लिए उचित मूल्य का निर्धारण किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा 11 नई टाउनशिप के गठन को भी मंजूरी दी गई है, जो बिहार के विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।
Jun 17, 2026, 20:11 IST
बिहार में भूमि क्रय नीति का नया निर्णय
बिहार के नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि हाल ही में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय पर लगी रोक को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य भू-स्वामियों की तात्कालिक आवश्यकताओं को पूरा करना है। इसके तहत, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा अधिसूचित बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 के अनुसार, बिहार राज्य आवास बोर्ड को भूमि क्रय के लिए अधिकृत किया गया है। इसके साथ ही, सरकारी प्राधिकारों को भू-अर्जन करने की अनुमति दी गई है और राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद (SIPB) द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं के लिए निवेशकों को भूमि क्रय या लीज पर लेने की अनुमति दी गई है।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण राज्य में शहरी विकास और आधारभूत संरचना में तेजी आएगी। इस निर्णय से ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के भू-स्वामियों को अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
नीतीश मिश्रा ने बताया कि बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 के तहत, शहरी क्षेत्र की भूमि के लिए भू-स्वामियों को बाजार मूल्य या सर्किल रेट (MVR) का दो गुना मूल्य दिया जाएगा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र की भूमि के लिए चार गुना मूल्य दिया जाएगा। इसके अलावा, निर्धारित राशि पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि यदि किसी रैयत को भूमि बेचने की आवश्यकता हो, तो बिहार राज्य आवास बोर्ड द्वारा भूमि का क्रय किया जाएगा। इसी तरह, राज्य या केंद्र सरकार की परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन किया जा सकेगा। निजी निवेश परियोजनाओं के लिए SIPB द्वारा अनुमोदित निवेशक सीधे रैयतों से भूमि खरीद सकेंगे। भूमि के बाजार मूल्य का निर्धारण जिला स्तरीय रैयती भूमि क्रय समिति द्वारा किया जाएगा, ताकि भू-स्वामियों को उचित मूल्य मिल सके।
मिश्रा ने आगे बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में 22 अप्रैल 2026 को कुल 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के गठन को मंजूरी दी गई थी। इनमें पाटलिपुत्र, हरिहरनाथपुर, मगध, मिथिला, कोशी, पूर्णियां, अंग, सीतापुरम, विक्रमशिला, तिरहुत और सारण शामिल हैं। इस निर्णय से न केवल भू-स्वामियों की आकस्मिक आवश्यकताओं का समाधान होगा, बल्कि यह बिहार के समग्र विकास को भी गति प्रदान करेगा।