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बिहार में प्रेम विवाह: बिना बताये मंदिर में की शादी

बिहार के एक प्रेमी युगल ने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर मंदिर में शादी कर ली। सुचित और सोनी की यह कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। जानें कैसे उन्होंने बिना बताये शादी करने का निर्णय लिया और परिवार की प्रतिक्रिया क्या थी। इस अनोखी प्रेम कहानी में प्यार की जीत और परिवार के साथ संवाद की अहमियत को समझा जा सकता है।
 

बिहार के प्रेमी युगल की अनोखी शादी


बिहार में एक अनोखी प्रेम विवाह की कहानी सामने आई है। अक्सर हम फिल्मों में देखते हैं कि प्रेमी-प्रेमिका अपने परिवारों को मनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस युगल ने एक अलग रास्ता चुना। सुचित कुमार और सोनी कुमारी ने अपने परिवार की मर्जी से तय रिश्ते के बावजूद, शादी की तारीख से पहले ही मंदिर जाकर शादी कर ली। जब परिवार को इस बारे में पता चला, तो वे हैरान रह गए और उनसे इस फैसले का कारण पूछा।

शादी की तारीख थी अगले महीने
गयाजी जिले के कोच के निवासी सुचित और अरवल जिले की सोनी ने बताया कि उनका रिश्ता परिवार के द्वारा तय किया गया था। उस समय वे एक-दूसरे को नहीं जानते थे। भारत में रिश्ते तय होने के बाद, लड़का और लड़की फोन नंबरों का आदान-प्रदान करते हैं। उन्होंने भी ऐसा किया और धीरे-धीरे एक-दूसरे के करीब आ गए। शादी की तारीख तय नहीं होने के कारण, उन्होंने मंदिर में शादी करने का निर्णय लिया।

फोन पर बातचीत से बढ़ी नजदीकियां
सुचित और सोनी ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार को इस फैसले के बारे में नहीं बताया और मोथा सूर्य मंदिर में शादी करने का निर्णय लिया। वहां पहुंचकर, उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। घर लौटने पर, परिवार ने उनकी शादी पर सवाल उठाए, लेकिन उन्होंने अपने प्यार की बात समझाई। यह शादी अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।

मोथा मंदिर के अध्यक्ष का बयान
मोथा सूर्य मंदिर के अध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि एक युवक और युवती शादी के लिए आए थे, जिनका रिश्ता पहले से तय था। फिर भी, उन्होंने शादी की तारीख से पहले विवाह करने की इच्छा जताई। मंदिर प्रशासन ने पंडित बुलाकर उनकी शादी संपन्न कराई।