बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कांस्टेबल का निलंबन
पुलिस कांस्टेबल का निलंबन
पटना, 27 जुलाई: बिहार के सीवान जिले में 25 जुलाई को हुए छात्र आंदोलन के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल को कथित तौर पर एके-47 राइफल का उपयोग करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की। यह कार्रवाई उस समय की गई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कांस्टेबल को प्रदर्शन के दौरान राइफल का इस्तेमाल करते हुए देखा गया।
हालांकि, इस वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। सीवान के पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा ने बताया कि वीडियो में दिख रहा कांस्टेबल जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) में तैनात था और उसे तुरंत निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है, लेकिन उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
झा ने यह भी बताया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। उन्होंने कहा, 'जांच शुरू कर दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कांस्टेबल ने प्रदर्शन के दौरान किस परिस्थिति में राइफल का इस्तेमाल किया।' उन्होंने यह स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस को गोली चलाने के निर्देश दिए गए थे।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में वामपंथी छात्र संगठनों ने 25 जुलाई को 'बिहार बंद' का आह्वान किया था। इस दौरान कई जिलों में प्रदर्शन हुए, जिनमें पटना, सारण, सीवान, औरंगाबाद, भागलपुर, सीतामढ़ी, पूर्णिया और भोजपुर शामिल थे।
प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। पटना के डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद कई छात्रों को हिरासत में लिया गया।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया कि 'बिहार बंद' के दौरान सीवान में पुलिस ने छात्रों पर एके-47 से गोली चलाई। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, 'जब हत्या के मामलों का आरोपी मुख्यमंत्री बन जाए, तब पुलिस निर्दोष छात्रों पर इसी तरह गोलियां चलाती है।'