बिहार में RJD को बड़ा झटका: मृत्युंजय तिवारी BJP में शामिल
बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होकर पार्टी को एक बड़ा झटका दिया है। तिवारी ने RJD से इस्तीफा देने के बाद BJP की प्राथमिक सदस्यता ली। उन्होंने पार्टी के भीतर उपेक्षा और कार्यप्रणाली से असंतोष का आरोप लगाया। इस कदम को राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा RJD के लिए एक महत्वपूर्ण झटका माना जा रहा है, जबकि इससे BJP की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। तिवारी ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने RJD को 10 विधायकों से 80 विधायकों वाली पार्टी बनते देखा है।
Jul 24, 2026, 17:00 IST
मृत्युंजय तिवारी का BJP में शामिल होना
बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक महत्वपूर्ण झटका लगा है, क्योंकि पार्टी के पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। तिवारी, जो कई वर्षों तक RJD के प्रमुख चेहरों में से एक रहे, ने पार्टी नेताओं की उपस्थिति में BJP की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने 16 जुलाई को RJD से इस्तीफा दिया था, जिसमें उन्होंने पार्टी के कार्यप्रणाली से असंतोष और संगठन में उपेक्षा का आरोप लगाया था।
उनके BJP में शामिल होने की अटकलें इस्तीफे के बाद से ही तेज हो गई थीं, और अब उनकी औपचारिक सदस्यता ने इस बात की पुष्टि कर दी है। तिवारी RJD के मुख्य प्रवक्ताओं में से एक रहे हैं और उन्होंने टीवी डिबेट्स और प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी का पक्ष रखा है। उन्हें RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव का करीबी सहयोगी माना जाता था, जिन्होंने हमेशा उनका सम्मान किया। हालांकि, हाल के महीनों में पार्टी में उपेक्षा के कारण उन्हें पार्टी छोड़ने का निर्णय लेना पड़ा।
तिवारी का BJP में शामिल होना बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम RJD के लिए एक बड़ा झटका है, जबकि इससे BJP की स्थिति आगामी राजनीतिक लड़ाइयों में मजबूत होने की संभावना है। तिवारी ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि जब RJD अपने सबसे कठिन समय से गुजर रहा था, तब लालू प्रसाद ने उन्हें प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी।
उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाई और RJD को 10 विधायकों वाली पार्टी से 80 विधायकों वाली पार्टी बनते देखा। लेकिन जिस तरह से पार्टी ने एक वफादार कार्यकर्ता के साथ व्यवहार किया, उससे उनका धैर्य अब समाप्त हो गया है। रोज़-रोज़ अपमान सहने से बेहतर है कि अलग हो जाया जाए।
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