बिहार पुलिस का चौंकाने वाला मामला: लूट के आरोपी ने खुद दर्ज कराया केस
अपराधी की अनोखी शिकायत
बिहार पुलिस के लिए एक अजीब स्थिति उत्पन्न हुई है, जब एक अपराधी ने खुद को शिकायतकर्ता बना लिया। यह मामला गया जी से जुड़ा है, जहां हावड़ा–जोधपुर एक्सप्रेस में एक करोड़ रुपये मूल्य के सोने की लूट में रेल थानेदार और पांच अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता का खुलासा हुआ है। जब जांच शुरू हुई, तो अधिकारियों को भी इस मामले की गंभीरता ने चौंका दिया।
सोने की लूट का मामला
हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस से एक किलो सोने की लूट की घटना को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में गया रेल थानेदार राजेश कुमार सिंह की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। यह बात और भी चौंकाने वाली है कि लूट का मामला खुद थानेदार ने अपने लिखित बयान पर दर्ज कराया था, लेकिन जांच में उनकी भूमिका उजागर हो गई।
पुलिसकर्मियों की संलिप्तता
जांच के दौरान यह भी पता चला कि गया रेल थाना के चार सिपाही करण, अभिषेक, रंजय और आनंद मोहन भी इस लूट में शामिल थे। इन सभी को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ लूटपाट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच का तरीका
यह घटना 21 नवंबर को हुई थी, जब कानपुर के सोना कारोबारी मनोज सोनी के स्टाफ धनंजय शाश्वत के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। एसआईटी ने थानेदार और निलंबित सिपाहियों के मोबाइल फोन की जांच की। वाट्सएप चैट, मोबाइल टावर लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण करने पर थानेदार और सिपाहियों के बीच आपसी संपर्क के सबूत मिले, जिससे उनकी संलिप्तता की पुष्टि हुई।