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बिहार उपचुनाव में भाजपा की हार का कारण छात्रों का गुस्सा: संजय राउत

शिवसेना नेता संजय राउत ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार का मुख्य कारण छात्रों का गुस्सा बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या राम मंदिर में हुई लूट और नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई ने भाजपा को नुकसान पहुंचाया। प्रशांत किशोर ने इस सीट पर जीत हासिल की, जो लंबे समय से भाजपा का गढ़ रही थी। राउत ने जेन-जेड की भूमिका और भाजपा के पिछले अनुभवों का भी उल्लेख किया। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
 

संजय राउत का बयान

मुंबई, चार अगस्त: शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि अयोध्या राम मंदिर में हुई लूट और नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार को सुनिश्चित किया। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सोमवार को इस सीट पर जीत हासिल की, जो 1995 से भाजपा का गढ़ रही है। यह उपचुनाव भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सीट छोड़ने के बाद कराया गया था।


प्रशांत किशोर की जीत

किशोर ने अपने निकटतम भाजपा प्रतिद्वंद्वी नीरज कुमार को 19,324 वोटों के अंतर से हराया। राउत ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर में हुई लूट और भाजपा नेतृत्व की चुप्पी, बांकीपुर में भाजपा की हार के प्रमुख कारण बने।


भाजपा की हार का विश्लेषण

उन्होंने यह भी कहा कि लखनऊ में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत के दौरान एक कलाकार द्वारा हनुमान के वेश में भाजपा का झंडा लहराते हुए नृत्य करने का वीडियो लोगों की भावनाओं को आहत कर गया। राउत ने कहा कि उपचुनाव के परिणामों ने विपक्ष का आत्मविश्वास बढ़ाया है।


भाजपा के पिछले अनुभव

उन्होंने याद दिलाया कि 2018 में भाजपा गोरखपुर लोकसभा सीट समाजवादी पार्टी से हार गई थी, जो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पांच बार प्रतिनिधित्व की गई थी।


जेन-जेड की भूमिका

राउत ने यह भी कहा कि इस हफ्ते मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ जेन-जेड की बातचीत में शामिल होने वाले लोग भाजपा नेताओं या संघ के प्रतिनिधियों के बच्चे या पोते-पोतियां होंगे। उन्होंने कहा कि जेन-जेड वे लोग हैं जिन्होंने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया और आंसू गैस तथा लाठीचार्ज का सामना किया।