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बिजनौर में गैंगस्टर अतीक अहमद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 168 करोड़ की संपत्ति कुर्क

उत्तर प्रदेश के बिजनौर और जालौन में गैंगस्टर अतीक अहमद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है, जिसमें उसकी 168 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है। यह कार्रवाई अवैध स्लॉटर हाउस और गोमांस तस्करी के आरोपों के तहत की गई है। प्रशासन ने इस मामले में कड़ी जांच के बाद यह निर्णय लिया है, जिससे अपराधियों को एक स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अवैध संपत्तियों पर सरकार की नजर है। जानें इस कार्रवाई के पीछे की पूरी कहानी।
 

बिजनौर और जालौन में संयुक्त कार्रवाई

Bijnor News: उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत, बिजनौर और जालौन जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण संयुक्त कार्रवाई की है। अवैध स्लॉटर हाउस चलाने, गोमांस तस्करी और संगठित अपराध में संलिप्त गैंगस्टर अतीक अहमद के खिलाफ कुर्की का आदेश जारी किया गया है। गैंगस्टर एक्ट के तहत इस कार्रवाई में आरोपी की संपत्तियों का मूल्य लगभग 168 करोड़ 13 लाख 32 हजार 600 रुपये आंका गया है।


जिला मजिस्ट्रेट का ऐतिहासिक आदेश

यह आदेश जालौन के जिला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा बिजनौर की जिला मजिस्ट्रेट जसजीत कौर और जालौन के पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर जारी किया गया है।


फर्जी दस्तावेजों से संपत्ति अर्जित करना

फर्जी दस्तावेजों से विदेशों में मीट एक्सपोर्ट कर कमाई अकूत संपत्ति

अतीक अहमद और उसके गिरोह के खिलाफ जालौन में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज है। पुलिस की जांच में यह सामने आया कि अतीक का गिरोह गोमांस की तस्करी कर रहा था। वे अवैध रूप से पशुओं का वध करते थे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए फ्रोजन मीट की सप्लाई करते थे। इस अवैध कमाई का उपयोग उन्होंने बेनामी संपत्तियों की खरीद में किया।


20 वर्षों से चल रहा अवैध स्लॉटर हाउस

20 साल से चल रहे स्लॉटर हाउस की कीमत 168 करोड़ आंकी गई

मुख्य आरोपी अतीक अहमद ने बिजनौर के सहसपुर याकूबपुर में ‘उमर इंटरनेशनल स्लॉटर हाउस’ का अवैध निर्माण किया था। इस स्लॉटर हाउस में पिछले 20 वर्षों से अवैध कटान हो रहा था। सरकारी मूल्यांकन में इसकी कुल संपत्ति का मूल्य 168.13 करोड़ रुपये आंका गया। यह संपत्ति अपराध से अर्जित धन से बनाई गई थी, जिसके चलते गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कुर्की की कार्रवाई की गई।


कड़ी कार्रवाई का संदेश

SDM बनीं रिसीवर; अपराधियों को मिला कड़ा संदेश

बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि प्रदेश सरकार संगठित अपराध और अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त है। धामपुर की उपजिलाधिकारी स्मृति मिश्रा को कुर्क की गई संपत्ति का आधिकारिक रिसीवर नियुक्त किया गया है। डीएम ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून का राज सुदृढ़ करने के लिए ऐसी कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। यह कार्रवाई सभी संगठित अपराधियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि अवैध संपत्ति को सरकार कभी भी जब्त कर सकती है।