बिजनौर में IVF से मां बनी महिला और नवजात बच्ची की जान को खतरा
बिजनौर में चौंकाने वाला मामला
Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक महिला, जो 12 साल बाद IVF तकनीक से मां बनी है, और उसकी नवजात बच्ची की जान को खतरा है। पीड़िता ने अपने पति, जेठ, जेठानी और अन्य ससुराल वालों पर मारपीट, प्रताड़ना और बच्ची को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने SP अभिषेक झा के निर्देश पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
IVF तकनीक से मिली संतान
जानकारी के अनुसार, दहीरपुर गांव के निवासी फुरकान का विवाह लगभग 12 साल पहले गुलशन के साथ हुआ था। शादी के प्रारंभिक वर्षों में संतान न होने पर गुलशन को ससुराल में ताने सुनने पड़े। पीड़िता का कहना है कि उसे कम दहेज लाने के लिए भी प्रताड़ित किया जाता था।
काफी प्रयासों के बाद जब संतान नहीं हुई, तो गुलशन ने अपने पति की सहमति से गाजियाबाद के एक अस्पताल में IVF तकनीक का सहारा लिया। इलाज सफल रहा और वह गर्भवती हो गई। परिवार में खुशियों की उम्मीद जगी, लेकिन यह बात ससुराल वालों के लिए विवाद का कारण बन गई।
जायदाद के बंटवारे का डर
गुलशन का आरोप है कि गर्भधारण की जानकारी मिलते ही उसके जेठ इमरान, जेठानी शमीमा और जेठानी के पिता शमीम ने विरोध करना शुरू कर दिया। उन्हें डर था कि बच्चा होने पर पैतृक संपत्ति का बंटवारा करना पड़ेगा। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने समाज में यह प्रचार करना शुरू कर दिया कि IVF तकनीक इस्लाम और शरीयत के खिलाफ है। इसके अलावा, उन्होंने गर्भ में पल रहे बच्चे को खत्म करने का दबाव भी बनाया।
मायके में मारपीट का मामला
गुलशन ने बताया कि 4 अप्रैल को उसका पति फुरकान, जेठ इमरान, जेठानी शमीमा, ससुर इस्माइल और अन्य लोग उसके मायके दौलताबाद पहुंचे। वहां आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और धमकी दी कि इस बच्चे को दुनिया में नहीं आने देंगे। मायके वालों के विरोध के बाद आरोपी वहां से चले गए। फिर भी, गुलशन ने हिम्मत नहीं हारी और 20 अप्रैल को एक बच्ची को जन्म दिया। अब पीड़िता का कहना है कि ससुराल वाले नवजात बच्ची को भी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज किया
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजनौर SP अभिषेक झा के निर्देश पर थाना पुलिस ने पति फुरकान, जेठ इमरान, जेठानी शमीमा, ससुर इस्माइल, हनीशा और शमीम के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि पीड़िता के आरोपों और कोर्ट में दिए गए बयान के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़िता को हरसंभव सुरक्षा और न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।