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बिजनौर और जालौन में गैंगस्टर अतीक अहमद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में बिजनौर और जालौन जिला प्रशासन ने गैंगस्टर अतीक अहमद के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत लगभग 168 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है। अतीक अहमद और उसके गिरोह पर अवैध स्लॉटर हाउस चलाने और गोमांस तस्करी का आरोप है। प्रशासन ने इस मामले की गहन जांच की, जिसमें पता चला कि गिरोह ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से मीट का निर्यात किया। जानें इस कार्रवाई के पीछे की पूरी कहानी और इसके प्रभाव।
 

गैंगस्टर अतीक अहमद के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई

Bijnor News: उत्तर प्रदेश सरकार ने अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बिजनौर और जालौन में एक महत्वपूर्ण संयुक्त कार्रवाई की है। जालौन के गैंगस्टर अतीक अहमद, जो अवैध स्लॉटर हाउस चलाने और गोमांस तस्करी में संलिप्त है, के खिलाफ कुर्की का आदेश जारी किया गया है। गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई इस कार्रवाई में आरोपी की संपत्तियों का मूल्य लगभग 168 करोड़ 13 लाख 32 हजार 600 रुपये आंका गया है।

जालौन के गैंगस्टर अतीक अहमद का स्लॉटर हाउस सील, 168 करोड़ थी कीमत, बेटे के नाम पर 20 साल पहले बनवाया था

यह ऐतिहासिक आदेश जालौन के जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा बिजनौर की जिला मजिस्ट्रेट और जालौन के पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर जारी किया गया है।

फर्जी दस्तावेजों से विदेशों में मीट एक्सपोर्ट कर कमाई अकूत संपत्ति

अतीक अहमद और उसके गिरोह के खिलाफ जालौन में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने इस मामले की गहन जांच की, जिसमें पता चला कि अतीक अहमद का गिरोह गोमांस की तस्करी कर रहा था। वे अवैध रूप से पशुओं का वध करते थे और फिर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से देश और विदेशों में फ्रोजन मीट की सप्लाई करते थे। इस अवैध कमाई का उपयोग उन्होंने विभिन्न बेनामी संपत्तियों को खरीदने में किया।

20 साल से चल रहे स्लॉटर हाउस की कीमत 168 करोड़ आंकी गई

मुख्य आरोपी अतीक अहमद ने बिजनौर के सहसपुर याकूबपुर में ‘उमर इंटरनेशनल स्लॉटर हाउस’ का अवैध निर्माण किया था। इस स्लॉटर हाउस में पिछले 20 वर्षों से अवैध रूप से पशुओं का वध किया जा रहा था। प्रशासन ने इसका सरकारी मूल्यांकन कराया, जिसमें इसकी कुल संपत्ति लगभग 168.13 करोड़ रुपये आंकी गई। यह साबित हुआ कि यह संपत्ति अपराध से अर्जित धन से बनाई गई थी, जिसके बाद गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कुर्की की कार्रवाई की गई।

SDM बनीं रिसीवर; अपराधियों को मिला कड़ा संदेश

बिजनौर की जिलाधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार संगठित अपराध और अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त है। अपराधियों की आर्थिक गतिविधियों को समाप्त करने के लिए धामपुर की उपजिलाधिकारी को कुर्क की गई संपत्ति का आधिकारिक रिसीवर नियुक्त किया गया है।

डीएम ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून का राज और अधिक मजबूत करने के लिए ऐसी कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। यह कार्रवाई सभी संगठित अपराधियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि अवैध धंधों से अर्जित संपत्ति को सरकार कभी भी जब्त कर सकती है.