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बाल विवाह समाप्त करने के लिए एनसीडब्ल्यू का 2030 तक का लक्ष्य

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने 2030 तक बाल विवाह समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत 2026 के अंत तक बाल विवाह के मामलों में 10 प्रतिशत की कमी लाने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने त्रिपुरा में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया और राज्य सरकार के साथ महिला कल्याण पर चर्चा की। जानें इस महत्वपूर्ण पहल के बारे में और अधिक जानकारी।
 

बाल विवाह के खिलाफ एनसीडब्ल्यू की पहल

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया राहटकर ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि आयोग ने 2030 तक देश में बाल विवाह को समाप्त करने का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस वर्ष के अंत तक बाल विवाह के मामलों में 10 प्रतिशत की कमी लाने का अंतरिम लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।


राहटकर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हमारा उद्देश्य 2030 तक बाल विवाह को समाप्त करना है, और इसके लिए 2026 के अंत तक 10 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।"


अधिकारियों के अनुसार, भारत में बाल विवाह की औसत दर 23.3 प्रतिशत है, जिसमें पश्चिम बंगाल, बिहार और त्रिपुरा जैसे राज्यों में यह दर 40 प्रतिशत से अधिक है। इन राज्यों में 18 वर्ष से पहले विवाह करने वाली महिलाओं की संख्या चिंताजनक है।


राहटकर ने त्रिपुरा में कई सभाएं आयोजित कीं, जहां उन्होंने लड़कियों की तस्करी, बाल विवाह, पॉक्सो अधिनियम और महिला कल्याण से संबंधित मुद्दों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए। उन्होंने कहा, "राज्य अतिथि गृह में मुख्य सचिव जे. के. सिन्हा और सामाजिक शिक्षा एवं कल्याण विभाग के विशेष सचिव तपन कुमार दास के साथ महिला कल्याण के लिए उठाए गए कदमों पर सार्थक चर्चा हुई।"


त्रिपुरा को लड़कियों की तस्करी के लिए संवेदनशील सीमावर्ती राज्य बताते हुए, राहटकर ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों से भी मुलाकात की और तस्करी रोकने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने राज्य में महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के कार्यों की सराहना की।


उन्होंने कहा, "मैंने गोमती जिले के उदयपुर में लखपति दीदियों और एसएचजी सदस्यों से मुलाकात की और उनकी स्थायी आय की क्षमता से प्रभावित हुई।" राहटकर ने मुख्यमंत्री माणिक साहा से भी महिलाओं के सशक्तीकरण और कल्याण पर चर्चा की।