बाड़मेर स्कूल के प्रिंसिपल पर छात्रों के यौन शोषण का आरोप
बाड़मेर जिले के राउमावि हेमानाडा स्कूल के प्रिंसिपल संतोष नामा पर छात्रों के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों की शिकायतों के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित बच्चे ने अपने परिवार को अपनी आपबीती सुनाई। कलेक्टर टीना डाबी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अब ग्रामीण आरोपी की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
Apr 2, 2026, 21:17 IST
बाड़मेर स्कूल में गंभीर आरोप
बाड़मेर स्कूल के प्रिंसिपल पर छात्रों के यौन शोषण का आरोप: शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक को भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन जब वही शिक्षक बच्चों के साथ विश्वासघात करे, तो यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि मानवता पर एक बड़ा प्रश्न बन जाता है। बाड़मेर जिले के राउमावि हेमानाडा स्कूल से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। प्रिंसिपल संतोष नामा पर आरोप है कि उन्होंने बच्चों को अपने जाल में फंसाकर उनका यौन शोषण किया। ग्रामीणों की शिकायतों और प्रारंभिक जांच के बाद, उन्हें तुरंत निलंबित कर दिया गया है।
स्कूल वह स्थान है जहाँ बच्चे अपने भविष्य के सपने देखते हैं, लेकिन आरोपी संतोष नामा ने वहां डर और आतंक का माहौल बना रखा था। प्रिंसिपल बच्चों को अक्सर निजी कामों के बहाने सुनसान स्थानों पर ले जाता था, जहाँ वह उनके साथ घिनौनी हरकतें करता था। बच्चों को डराने के लिए वह अपने पद का दुरुपयोग करता था और उन्हें धमकी देता था कि अगर उन्होंने किसी को बताया, तो वह उन्हें परीक्षा में फेल कर देगा। इस डर के साए में कई बच्चे चुपचाप यह सब सहते रहे।
कलेक्टर टीना डाबी से न्याय की मांग
इस शर्मनाक घटना का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित बच्चे ने हिम्मत जुटाकर अपने परिवार को अपनी आपबीती सुनाई। इसके बाद ग्रामीणों ने अन्य बच्चों से बात की, जिससे कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। आक्रोशित ग्रामीणों ने बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी से मुलाकात की और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति ने मामले की जांच की और प्रिंसिपल संतोष नामा को प्रथम दृष्टया दोषी पाया। इसकी विस्तृत रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई।
इस शर्मनाक घटना का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित बच्चे ने हिम्मत जुटाकर अपने परिवार को अपनी आपबीती सुनाई। इसके बाद ग्रामीणों ने अन्य बच्चों से बात की, जिससे कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। आक्रोशित ग्रामीणों ने बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी से मुलाकात की और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति ने मामले की जांच की और प्रिंसिपल संतोष नामा को प्रथम दृष्टया दोषी पाया। इसकी विस्तृत रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई।
निलंबन और मुख्यालय करौली स्थानांतरित
जांच रिपोर्ट के आधार पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के निदेशक सीताराम जाट ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रिंसिपल संतोष नामा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) करौली तय किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रिंसिपल हर बार नए बच्चों को अपना शिकार बनाता था। अब ग्रामीण आरोपी की गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षा के मंदिर को कलंकित न कर सके।
जांच रिपोर्ट के आधार पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के निदेशक सीताराम जाट ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रिंसिपल संतोष नामा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) करौली तय किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रिंसिपल हर बार नए बच्चों को अपना शिकार बनाता था। अब ग्रामीण आरोपी की गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षा के मंदिर को कलंकित न कर सके।