×

बागपत में नाबालिग लड़कियों के लिए मोबाइल और आत्मरक्षा के उपायों पर बहस

बागपत जिले में नाबालिग लड़कियों को मोबाइल फोन से दूर रखने और आत्मरक्षा के लिए रिवॉल्वर देने के प्रस्ताव पर बहस चल रही है। राज्य महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने मोबाइल फोन के दुष्प्रभावों पर चिंता जताई है, जबकि स्थानीय समाजसेवी और महिलाएं इस पर अलग-अलग राय रखती हैं। क्या यह उपाय सही है? जानें इस मुद्दे पर विभिन्न दृष्टिकोण।
 

बागपत में नाबालिग लड़कियों के लिए मोबाइल पर पाबंदी का प्रस्ताव

बागपत जिले में नाबालिग लड़कियों को मोबाइल फोन से दूर रखने की सलाह और आत्मरक्षा के लिए 'रिवॉल्वर' देने के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो गई है। राज्य महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने नाबालिग लड़कियों को मोबाइल फोन देने के खिलाफ आवाज उठाई है, जबकि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की महापंचायत में बेटियों को आत्मरक्षा के लिए हथियार देने का सुझाव दिया गया है।


भराला ने खिंदोड़ा गांव में एक लापता बच्ची के परिवार से मिलने के दौरान कहा, "18 साल से कम उम्र की लड़कियों को मोबाइल फोन नहीं देना चाहिए। मोबाइल के कारण अक्सर 'ब्लैकमेलिंग', वीडियो वायरल होने और आत्महत्या जैसी घटनाएं होती हैं।"


उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपनी बेटियों की गतिविधियों पर ध्यान रखें।


इससे पहले, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष ठाकुर कुंवर अजय प्रताप सिंह ने गौरीपुर मितली गांव में आयोजित महापंचायत में कहा कि बदलते समय में बेटियों को विवाह के समय सोने-चांदी के बजाय आत्मरक्षा के लिए तलवार, कटार या रिवॉल्वर दी जानी चाहिए। यदि रिवॉल्वर प्राप्त करना मुश्किल हो तो कट्टा भी एक विकल्प हो सकता है।


इन बयानों पर स्थानीय महिलाओं और समाजसेवियों की राय विभाजित नजर आई। लधवाड़ी गांव की प्रधान शुभलक्ष्मणा ने कहा, "रिवॉल्वर का कन्यादान में देना व्यावहारिक नहीं है। इसका मतलब होगा कि आप बेटी को घर बसाने के लिए नहीं, बल्कि अपराध की ओर भेज रहे हैं। हां, आत्मरक्षा का प्रशिक्षण हर लड़की को मिलना चाहिए।"


उन्होंने यह भी कहा कि मोबाइल पर पाबंदी की बात सही है, कम उम्र में फोन नहीं मिलना चाहिए।


वहीं, गौरीपुर हबीबपुर ग्राम पंचायत की प्रधान राधा ने कहा, "मोबाइल या रिवॉल्वर, हर चीज के सकारात्मक और नकारात्मक पहलू होते हैं।" उन्होंने कहा, "मोबाइल शिक्षा और जानकारी का माध्यम है। सवाल जिम्मेदारी और नियंत्रण का है। सही मार्गदर्शन मिलने पर किसी पाबंदी की आवश्यकता नहीं।"


महिला जनशक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष मधु शर्मा ने कहा, "आज के समय में मोबाइल पढ़ाई और सुरक्षा का साधन है। रिवॉल्वर देना कोई व्यावहारिक समाधान नहीं है। सुरक्षा के लिए सरकार और समाज को मिलकर ठोस कदम उठाने चाहिए।"