बागपत में डबल मर्डर: पिता-पुत्र की हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे
बागपत में डबल मर्डर का मामला
बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत में टेंट व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके बेटे विकास अग्रवाल की हत्या के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस वारदात को महज 25 सेकंड में अंजाम दिया गया था, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच की दिशा को बदल दिया है। डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा की गई वीडियोग्राफी और पोस्टमार्टम के अनुसार, शूटरों ने बाप-बेटे को तीन-तीन गोलियां मारी थीं। गोली की गति और निशाना इतना सटीक था कि विकास के कंधे को चीरती हुई एक गोली सीधे उसके दिल में धंस गई।
गोलियों का निशाना: पेट और दिल
पुलिस और डॉक्टरों के अनुसार, सोहनलाल को तीन गोलियां लगी थीं। शूटर वरुण लुहारी ने काउंटर के पास खड़े होकर उनके पेट में दो और जांघ में एक गोली मारी। वहीं, अपने पिता को बचाने के लिए बाहर दौड़े बेटे विकास को भी तीन गोलियां लगीं। विकास की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि एक गोली उसके हाथ को छूकर निकल गई, दूसरी पीठ में लगकर पार हो गई, जबकि तीसरी गोली उसके कंधे के रास्ते सीधे दिल में जाकर धंस गई। डॉक्टरों ने इन गोलियों के टुकड़ों को उसके शरीर से निकाला।
परिवार का दर्द: मूकबधिर बेटी का विलाप
बुधवार सुबह जब दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचे, तो वहां कोहराम मच गया। दिव्या, जो मूकबधिर है, अपने पिता और भाई के शवों से लिपटकर न्याय की भीख मांगती रही। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद व्यापारियों की आंखों में आंसू आ गए। वहीं, सोहनलाल की पत्नी उषा इस सदमे को सहन नहीं कर पाईं और बेसुध होकर आसमान की ओर देखती रहीं।
पुरानी रंजिश का खामियाजा
मृतक व्यापारी के बड़े भाई राजेश ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि यह रंजिश 10 साल पुरानी है। पहले भी उनके घर पर फायरिंग की गई थी, जिसके निशान आज भी मौजूद हैं। राजेश ने कहा कि चार साल पहले कचहरी में हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने जान से मारने की धमकी दी थी। हाल ही में जब वरुण जमानत पर बाहर आया, तो पुलिस को खतरे का अंदेशा था, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
व्यापारियों का आक्रोश: एनकाउंटर की मांग
इस डबल मर्डर के खिलाफ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारियों का गुस्सा बढ़ गया है। बड़ौत, अग्रवाल मंडी टटीरी और छपरौली के बाजार बंद रहे। व्यापारियों ने दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर मानव श्रृंखला बनाकर चक्का जाम किया और फरार बदमाशों के एनकाउंटर की मांग की। इस विरोध के कारण क्षेत्र में लगभग 50 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ है।
मुख्य आरोपी की मौत: पुलिस की कार्रवाई
बागपत पुलिस ने इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी वरुण लुहारी और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस मुठभेड़ में वरुण की मौत हो चुकी है। पुलिस ने उसके पिता बाबूराम को गिरफ्तार कर लिया है। बड़ौत सीओ ने बताया कि अन्य फरार शूटरों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।