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बहराइच में तेंदुए के हमले से 7 साल की बच्ची की जान बचाने वाली मां की बहादुरी

उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक मां ने अपने 7 साल की बेटी को तेंदुए के हमले से बचाने के लिए अद्भुत साहस का परिचय दिया। जब तेंदुआ बच्ची को उठाकर ले जा रहा था, तब मां ने बिना डर के तेंदुए से भिड़कर अपनी बेटी की जान बचाई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है और ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। जानें इस बहादुरी की कहानी में क्या हुआ आगे।
 

बहराइच में तेंदुए का हमला

बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। मुर्तिहा कोतवाली क्षेत्र के ककरा इलाके में एक तेंदुए ने चारपाई पर सो रही 7 वर्षीय बच्ची पर हमला कर दिया। तेंदुआ मच्छरदानी को फाड़ते हुए बच्ची को उठाकर ले जाने लगा। लेकिन मां ने साहस दिखाते हुए तेंदुए से भिड़कर अपनी बेटी की जान बचाई।

यूपी: 7 साल की बच्ची को जबड़े में दबाकर भाग रहे तेंदुआ से भिड़ गई मां, बहादुरी दिखाते हुए बचाई जान

मां का बयान

सबुरुन नाम की मां ने बताया कि उनकी बेटी समा (7 वर्ष) उनके साथ चारपाई पर मच्छरदानी में सो रही थी। रात के समय अचानक तेंदुआ घर में घुस आया और मच्छरदानी के अंदर से बच्ची को उठाने लगा। बच्ची की चीख सुनकर सबुरुन की नींद खुल गई।

जब उन्होंने देखा कि तेंदुआ उनकी बेटी को अपने जबड़े में दबाए हुए है, तो वह तुरंत उसके पीछे दौड़ पड़ीं। साहस दिखाते हुए उन्होंने तेंदुए से संघर्ष किया और अपनी बच्ची को उसके चंगुल से छुड़ा लिया। तेंदुआ बच्ची को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। इस हमले में बच्ची समा को चोटें आई हैं, जिसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए हैं। घटना के बाद से ककरा क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने की अपील की है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।

यह पहली बार नहीं है जब किसी मां ने अपने बच्चे की जान बचाने के लिए खतरे का सामना किया है। भारत का इतिहास ऐसी महान माताओं से भरा हुआ है, जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह किए बिना अपने बच्चों की जान बचाई।

बहराइच की इस घटना के बाद सभी लोग बच्ची की जान बचाने वाली मां की बहादुरी की सराहना कर रहे हैं और चर्चा कर रहे हैं कि बिना डर के किसी चुनौती का सामना करने पर सफलता अवश्य मिलती है।