×

बवासीर के घरेलू उपचार: गेंदे के फूल और काली मिर्च का उपयोग

बवासीर एक दर्दनाक स्थिति है, जो गलत खान-पान और कब्ज के कारण होती है। इस लेख में, हम गेंदे के फूल और काली मिर्च के उपयोग से बवासीर के घरेलू उपचारों के बारे में चर्चा करेंगे। जानें कैसे ये नुस्खे आपको राहत प्रदान कर सकते हैं और बवासीर की समस्या को कम कर सकते हैं।
 

बवासीर: एक दर्दनाक समस्या

बवासीर एक अत्यंत पीड़ादायक स्थिति है, जो अक्सर गलत खान-पान और पेट में कब्ज के कारण उत्पन्न होती है। जैसे-जैसे यह समस्या बढ़ती है, यह फिशर और भगंदर जैसी जटिलताओं में बदल सकती है। बवासीर मुख्यतः मलाशय के आस-पास की नसों की सूजन के कारण होती है। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठना और अनियमित खान-पान इसके प्रमुख कारण हैं। बवासीर के दो प्रकार होते हैं: खूनी बवासीर, जिसमें मस्से लाल होते हैं और खून गिरता है, और बादी वाली बवासीर, जिसमें मस्से काले होते हैं और उनमें खुजली, दर्द और सूजन होती है।


गेंदे के फूल और काली मिर्च का उपयोग

यहां हम कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में चर्चा करेंगे, जो बवासीर और इससे होने वाले दर्द में राहत प्रदान कर सकते हैं। गेंदे के फूल और काली मिर्च का यह संयोजन विशेष रूप से लाभकारी हो सकता है।


उपचार विधियाँ

बवासीर में गेंदे के फूल और काली मिर्च का सफल प्रयोग:



  1. गेंदे के हरे पत्तों को काली मिर्च के साथ मिलाकर चार दिन तक रोजाना एक बार सेवन करें। 10 ग्राम पत्ते और 7 काली मिर्च को मिलाकर पीसें।

  2. गेंदे के पीले फूल (10 ग्राम) और 7 काली मिर्च को ठंडाई की तरह पीसकर आधा गिलास पानी में मिलाकर छानकर पीने से रक्तस्त्रावी बवासीर में लाभ होता है।

  3. रक्तस्त्रावी बवासीर में फूलों को पीसकर, इस लुगदी को देसी घी में भूनें, फिर इसमें मिश्री और सौंफ मिलाकर दिन में एक बार भोजन के दो घंटे पहले या बाद में सेवन करें।


बवासीर से राहत के अन्य उपाय

बवासीर में विशेष:



  • बवासीर को दूर करने के लिए सबसे पहले कब्ज को ठीक करें। रात को सोते समय एक गिलास गर्म दूध के साथ एक चम्मच छोटी हरड़ का चूर्ण या इसबगोल का छिलका लें। सुबह शौच के बाद कम से कम 15 मिनट कपाल भाति करें।

  • एक पके केले को बीच से काटकर उसमें कपूर डालकर रात को खुले आसमान में रखें। सुबह इसे शौच के बाद खाएं। एक हफ्ते तक लगातार करने से बवासीर में सुधार होता है।

  • नीम का तेल मस्सों पर लगाने और 4-5 बूँद रोज़ पीने से बवासीर में लाभ होता है।

  • धुले हुए काले तिल को ताजा मक्खन के साथ लेने से बवासीर में खून आना बंद हो जाता है।

  • नारियल की जटा को जलाकर उसकी भस्म को एक गिलास छाछ या दही के साथ सुबह खाली पेट सेवन करें।