बरेली में रिश्तों को शर्मसार करने वाली हत्या, चाची ने भतीजे को चाकू से मारा
बरेली में खौफनाक घटना
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। भुता थाना क्षेत्र के म्युडी खुर्दकला गांव में एक चाची ने अपने भतीजे को चाकू मारकर उसकी जान ले ली। यह विवाद पुरानी पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर था, लेकिन इस बार मामला इतना गंभीर हो गया कि किसी ने सोचा भी नहीं था।
उमाकांत (28 वर्ष) का अपने चाचा चरन पाल और चाची अनिता देवी के साथ जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। शनिवार सुबह अनिता देवी और उमाकांत के परिवार के बीच फिर से झगड़ा हुआ, लेकिन उस समय उमाकांत घर पर नहीं था। वह रोज की तरह जरी कारखाने में काम कर रहा था।
जब उमाकांत शाम को काम खत्म कर घर लौट रहा था, तब उसकी चाची अनिता देवी दरवाजे पर खड़ी थी। जैसे ही उमाकांत उसके पास से गुजरा, अनिता देवी ने अचानक उस पर चाकू से हमला कर दिया।
उमाकांत को संभलने का मौका नहीं मिला और वह तुरंत लहूलुहान होकर गिर पड़ा। उसकी चीख सुनकर आसपास के लोग और परिजन दौड़कर आए। खून से सने उमाकांत को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर से परिवार में कोहराम मच गया।
पुलिस और फोरेंसिक टीम की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही भुता थाने की पुलिस और फोरेंसिक टीम गांव पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने खून के नमूने और चाकू के निशान का बारीकी से मुआयना किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
उमाकांत के परिजनों ने थाने में तहरीर देकर अनिता देवी को नामजद किया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में अनिता देवी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि जमीन के बंटवारे को लेकर उनका विवाद लंबे समय से चल रहा था।
सीओ फरीदपुर संदीप सिंह ने बताया कि आरोपी महिला के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और उसे जेल भेजने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद और तथ्य सामने आएंगे।
गांव में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद म्युडी खुर्दकला गांव में सनसनी फैल गई है। गांव के लोग इस वारदात को लेकर हैरान हैं। कोई भी यकीन नहीं कर पा रहा कि एक चाची अपने भतीजे की हत्या कर सकती है। बुजुर्गों का कहना है कि जमीन-जायदाद के झगड़े तो होते हैं, लेकिन अपनों का खून करना पहली बार सुना है। कई महिलाओं ने कहा कि वे अब अपने बच्चों को इस परिवार के पास नहीं भेजेंगी।