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बरेली में प्रेम के नाम पर खौफनाक हमला: तेजाब से झुलसे चार लोग

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक प्रेमी ने अपनी पूर्व प्रेमिका और उसके परिवार पर तेजाब फेंककर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह घटना तब हुई जब प्रेमी ने लक्ष्मी से अपने पति को छोड़ने का दबाव बनाया। लक्ष्मी के इनकार के बाद उमेश ने खौफनाक कदम उठाया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन लक्ष्मी और उसके परिवार की हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना समाज में अवैध संबंधों के खतरनाक परिणामों पर सवाल उठाती है।
 

प्यार की जिद ने बिखेरा एक परिवार


उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक प्रेमी ने अपनी पूर्व प्रेमिका और उसके परिवार पर तेजाब फेंककर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह घटना तब हुई जब प्रेमी ने कहा, 'अगर तुम मेरी नहीं हो सकती, तो किसी और की भी नहीं रहोगी।' इस खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। जब पुलिस ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, तो उसने उन पर गोलियां चलाईं।


प्रेम कहानी का खौफनाक मोड़

यह घटना बरेली के थाना शेरगढ़ क्षेत्र के डूंगरपुर गांव की है। मुख्य पात्र उमेश कश्यप और लक्ष्मी के बीच कई वर्षों से प्रेम संबंध थे। लक्ष्मी की शादी किसी और से हो गई, लेकिन दोनों के बीच संपर्क बना रहा। लक्ष्मी अब दो बच्चों की मां बन चुकी थी, लेकिन उमेश ने उसे अपने पति को छोड़ने के लिए मजबूर किया।


जब लक्ष्मी ने इनकार किया, तो उमेश का प्यार नफरत में बदल गया। उसने लक्ष्मी के घर जाकर तेजाब की बोतल निकाली और पूरे परिवार पर फेंक दिया। इस हमले में लक्ष्मी, उसके पति और दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए।


पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद उमेश की तलाश शुरू हुई। पुलिस को सूचना मिली कि वह एक पुलिया के नीचे छिपा है। जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।


पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उमेश के पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद उसने पुलिस से रहम की भीख मांगी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से अवैध हथियार भी बरामद किए।


समाज के लिए एक गंभीर सवाल

इस घटना ने समाज में एक बड़ा सवाल खड़ा किया है कि अवैध संबंध और पुराने रिश्तों को न छोड़ पाने की जिद किस तरह के परिणाम ला सकती है। अगर लक्ष्मी और उमेश समय पर अपने-अपने रास्ते पर चलने का निर्णय लेते, तो आज एक परिवार इस स्थिति में नहीं होता।


पुलिस अब उमेश को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जेल भेजने की तैयारी कर रही है। वहीं, लक्ष्मी और उसके परिवार की हालत अस्पताल में गंभीर बनी हुई है।