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बरेली में पंचायत चुनाव विवाद में पांच दोषियों को मिली आजीवन कारावास की सजा

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पंचायत चुनाव से जुड़ी रंजिश के चलते एक ग्राम प्रधान की हत्या के मामले में अदालत ने पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में एक महिला भी शामिल है। अदालत ने दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अदालत के फैसले के बारे में।
 

बरेली में ग्राम प्रधान हत्या का मामला

बरेली, 28 जुलाई: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की एक अदालत ने पंचायत चुनाव से जुड़ी रंजिश के चलते 2021 में ग्राम प्रधान की हत्या के मामले में मंगलवार को एक महिला समेत पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस संबंध में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बृजेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने सभी दोषियों पर कुल 3.90 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।


अभियोजन पक्ष के अनुसार, मोहम्मद इशाक अली, जो बरेली के छावनी क्षेत्र के परगवां गांव के ग्राम प्रधान थे, को पंचायत चुनाव में हार के बाद आरोपियों ने लगातार गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। 20 जून, 2021 को इशाक अली अपनी पत्नी सकीना और बहन शीबा रानी के साथ बरेली से दवा लेकर गांव लौट रहे थे, तभी आरोपियों ने उन पर गोली चला दी। इस घटना में इशाक अली की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं।


पांडे ने बताया कि छावनी थाने में इस मामले की प्राथमिकी दर्ज की गई थी और मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों के बयान पेश किए। अदालत ने मोहर सिंह, भगवत पटेल, राहुल उर्फ धीरू और लोकेश पटेल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा, उन्हें धारा 307/34 के तहत 10 वर्ष और धारा 506 के तहत सात वर्ष के कारावास की सजा भी दी गई।


अदालत ने दोषी पाई गईं आसिया को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पांडे ने बताया कि अदालत ने जुर्माना न अदा करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश भी दिया।