×

बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी के आरोपों पर उत्तराखंड सरकार ने की जांच समिति का गठन

उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की चोरी के आरोपों के बाद राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इस मामले में एक कर्मचारी को निलंबित किया गया है और BKTC ने जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाने का आश्वासन दिया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और सरकार की कार्रवाई के बारे में।
 

बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी का मामला

उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की चोरी के आरोपों का मामला हाल ही में सामने आया है। इस विवाद के बढ़ने के बाद, राज्य सरकार ने शनिवार को गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इसके साथ ही, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने प्रारंभिक जांच के बाद अपने एक वरिष्ठ कर्मचारी को निलंबित कर दिया है।


कर्मचारी का निलंबन और जांच की शुरुआत

यह मामला तब प्रकाश में आया जब सोशल मीडिया पर बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती में गड़बड़ी के आरोप लगे। BKTC ने चार सदस्यीय टीम का गठन किया, जिसने मंगलवार से जांच शुरू की और इस दौरान एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया।


BKTC की भूमिका और निलंबन की जानकारी

BKTC, जो उत्तराखंड में बद्रीनाथ मंदिर और अन्य तीर्थ स्थलों का प्रबंधन करती है, के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी के संकेत मिलने पर कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया। नौटियाल मंदिर समिति में प्राइवेट सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत थे।


सरकार की जांच समिति का गठन

उत्तराखंड सरकार ने भी अपनी जांच समिति का गठन किया है, जिसमें गढ़वाल डिवीजन कमिश्नर अध्यक्ष होंगे। पर्यटन सचिव धीरज सिंह गर्ब्याल के निर्देशानुसार, यह समिति 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें सरकार को सौंपेगी।


BKTC की जीरो-टॉलरेंस नीति

द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि BKTC भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाती है। यदि जांच में कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


सोशल मीडिया पर बढ़ता विवाद

बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती में गड़बड़ी के आरोपों के बाद, 'भैरव सेना' नामक संगठन ने शिकायत दर्ज कराई और जांच तथा FIR की मांग की।


चार सदस्यीय पैनल का गठन

BKTC ने पिछले हफ्ते चार सदस्यीय पैनल का गठन किया, जिसमें फाइनेंस कंट्रोलर हेम कांडपाल, लीगल ऑफिसर एसएस बर्तवाल, चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर राजन नैथानी और केदारनाथ के सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर डीएस भुजवान शामिल हैं। यह समिति CCTV फुटेज और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर जांच कर रही है।


कांग्रेस की प्रतिक्रिया

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बीच, बद्रीनाथ धाम में भी ऐसे आरोपों के सामने आने पर कांग्रेस ने राज्य सरकार की आलोचना की है। उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस मामले की न्यायिक जांच या विधानसभा की संयुक्त समिति से जांच कराने की मांग की है।