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बजट 2026: वैश्विक व्यापार में बदलाव और भारत की आर्थिक रणनीति

बजट 2026 का प्रस्ताव ऐसे समय में किया जा रहा है जब अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के बाद वैश्विक व्यापार में महत्वपूर्ण परिवर्तन की संभावना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश होने वाले इस बजट में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और बाहरी झटकों से अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जानें इस बजट में क्या-क्या प्रमुख बिंदु होंगे और भारत की आर्थिक रणनीति कैसे विकसित होगी।
 

बजट 2026 का महत्व

बजट 2026 का प्रस्ताव ऐसे समय में किया जा रहा है जब अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के बाद वैश्विक व्यापार में महत्वपूर्ण परिवर्तन की संभावना है। ट्रंप प्रशासन द्वारा लागू किए गए उच्च टैरिफ और संरक्षणवादी नीतियों के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है, जिसका असर भारत के निर्यात पर भी पड़ सकता है।


वित्त मंत्री का ध्यान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और बाहरी झटकों से अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


ट्रंप टैरिफ का प्रभाव और भारत की रणनीति

ट्रंप के प्रशासन में अमेरिका ने भारत समेत कई देशों पर 25-50% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाए हैं, विशेषकर रूसी तेल आयात और अन्य क्षेत्रों में। इससे भारत के निर्यात, जैसे टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, शिपिंग, और ऑटो कंपोनेंट्स पर दबाव बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के जीडीपी पर 0.9-1% तक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन घरेलू मांग की मजबूती से यह प्रभाव सीमित रहेगा।


बजट में संभावित प्राथमिकताएँ

इस चुनौती का सामना करने के लिए बजट में निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया जा सकता है:



  • आत्मनिर्भर भारत: PLI स्कीम का विस्तार, घरेलू उत्पादन के लिए सब्सिडी और कच्चे माल पर राहत।

  • आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा: क्रिटिकल मिनरल्स, सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ एलिमेंट्स में निवेश बढ़ाना।

  • एमएसएमई को सपोर्ट: सस्ते क्रेडिट और विशेष फंड या राहत पैकेज।

  • एक्सपोर्ट डायवर्सिफिकेशन: नए बाजारों पर ध्यान केंद्रित करना।


अन्य प्रमुख उम्मीदें

बजट में ग्रोथ-ड्राइविंग सेक्टर्स पर ध्यान दिया जाएगा:



  • इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे: रोजगार और विकास को बढ़ावा देने के लिए पूंजी व्यय में वृद्धि।

  • टेक और एआई: एआई और डेटा सेंटर्स में निवेश।

  • रिन्यूएबल एनर्जी: न्यूक्लियर और सोलर ऊर्जा में बड़ा पुश।

  • टैक्स राहत: मध्यम वर्ग के लिए टैक्स स्लैब में राहत।

  • डिफेंस और हेल्थकेयर: आत्मनिर्भर डिफेंस प्रोडक्शन पर ध्यान।


निष्कर्ष

कुल मिलाकर, बजट 2026 वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आत्मनिर्भरता और घरेलू मजबूती पर केंद्रित रहने वाला एक रणनीतिक बजट साबित हो सकता है। इससे भारत न केवल बाहरी झटकों से बचेगा, बल्कि वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में अपनी स्थिति को भी मजबूत करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट विकसित भारत 2047 के विजन को गति देने वाला होगा।