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बंबई उच्च न्यायालय ने समीर वानखेड़े को जांच से दी राहत

बंबई उच्च न्यायालय ने स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के पूर्व निदेशक समीर वानखेड़े को दो मामलों में चल रही जांच से अंतरिम राहत प्रदान की है। यह निर्णय उनकी याचिका पर अंतिम सुनवाई तक प्रभावी रहेगा। वानखेड़े ने एनसीबी द्वारा मादक पदार्थों के मामलों में अनियमितताओं के आरोपों को चुनौती दी है, जिसमें अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु से जुड़ा मामला भी शामिल है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और वानखेड़े के आरोपों के बारे में।
 

बंबई उच्च न्यायालय का निर्णय

बंबई उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व संभागीय निदेशक समीर वानखेड़े को दो मामलों में चल रही जांच के दौरान पूछताछ से सुरक्षा प्रदान की है। यह राहत उनकी याचिका पर अंतिम सुनवाई तक के लिए है। वानखेड़े, जो 2008 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी हैं, ने 2024 में उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी।


इस याचिका में उन्होंने एनसीबी द्वारा मादक पदार्थों के दो मामलों में अनियमितताओं के आरोपों को चुनौती दी थी। इनमें से एक मामला अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु से संबंधित है। एनसीबी का कहना है कि यह जांच दो गुमनाम शिकायतों के आधार पर शुरू की गई थी, जबकि वानखेड़े का आरोप है कि यह सब महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक के निर्देश पर किया गया था।


वानखेड़े का कहना है कि मलिक उनसे व्यक्तिगत रंजिश रखते थे, क्योंकि उन्होंने मलिक के दामाद समीर खान को मादक पदार्थ के एक मामले में गिरफ्तार किया था। न्यायमूर्ति अजय गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खाता की खंड पीठ ने वानखेड़े की याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि जब तक याचिका पर अंतिम सुनवाई नहीं होती, तब तक उन्हें पूछताछ के लिए नहीं बुलाया जाएगा। इससे पहले एनसीबी ने उच्च न्यायालय में कहा था कि वानखेड़े के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, जिसके कारण जांच शुरू की गई थी।


जून 2020 में मुंबई में राजपूत की कथित आत्महत्या के बाद, एनसीबी ने फिल्म उद्योग में मादक पदार्थों के उपयोग की जांच शुरू की। इसके बाद, एजेंसी ने राजपूत की प्रेमिका रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शोविक और 33 अन्य लोगों के खिलाफ मादक पदार्थ रखने और उपयोग करने का मामला दर्ज किया। बाद में, एनसीबी को वानखेड़े के खिलाफ जांच में गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं।


नवंबर 2023 से मार्च 2024 के बीच, एनसीबी ने वानखेड़े को आठ नोटिस जारी किए और उन्हें एजेंसी के उपमहानिदेशक संजय सिंह के सामने पेश होने का निर्देश दिया। वानखेड़े ने अपनी याचिका में इस जांच को ‘बदले की कार्रवाई’ करार दिया। मई 2023 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भी वानखेड़े के खिलाफ जबरन वसूली और रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया था।


उन पर आरोप था कि उन्होंने क्रूज जहाज पर मादक पदार्थ पकड़े जाने के मामले में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को फंसाने के लिए 25 करोड़ रुपये की मांग की थी। आर्यन खान को 2 अक्टूबर, 2021 को कॉर्डेलिया क्रूज जहाज पर मादक पदार्थ मिलने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में, एनसीबी ने इस मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया, लेकिन आर्यन खान को क्लीन चिट दे दी।


इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी वानखेड़े के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया। वानखेड़े ने इन दोनों मामलों के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया और उन्हें किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की गई।