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बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का विपक्ष पर हमला, मोदी के साथ एकजुटता की अपील

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े रहने की अपील की। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रवाद की भावना को कमजोर किया और राज्य की संस्कृति को मिटाने का प्रयास किया। अधिकारी ने शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया और आगामी शैक्षणिक सत्र में पाठ्यक्रम में बदलाव की बात की। जानें इस महत्वपूर्ण भाषण के बारे में और क्या कहा उन्होंने विपक्ष के बारे में।
 

मुख्यमंत्री की अपील और आरोप


कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को नागरिकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर खड़े रहने की अपील की। उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी), 'दिमागी नक्सल' और 'टुकड़े-टुकड़े' गैंग पर तीखा हमला करते हुए कहा कि देश में ऐसी विघटनकारी ताकतों और सामाजिक बुराइयों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने राष्ट्रवाद की भावना को कमजोर किया और तुष्टिकरण की राजनीति के तहत पश्चिम बंगाल को 'ग्रेटर बांग्लादेश' बनाने का प्रयास किया।


संस्कृति और विरासत पर हमला

एक कार्यक्रम में बोलते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार ने राज्य की संस्कृति और विरासत को मिटाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इसी मानसिकता के तहत राज्य के लिए अलग गीत और झंडा तैयार किया गया और बांग्लादेश का 'जॉय बांग्ला' नारा अपनाया गया। अधिकारी ने यह भी कहा कि 34 वर्षों का कम्युनिस्ट शासन और 15 वर्षों का टीएमसी कार्यकाल लोगों की सांस्कृतिक जड़ों को कमजोर करने में लगा रहा।


शिक्षा में राष्ट्रवाद की आवश्यकता

रामनगर में एक अन्य कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रवाद की भावना को बढ़ावा देने के लिए वाद-विवाद और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सामाजिक बुराइयों की तुलना कॉकरोच और खटमल से करते हुए कहा कि जब ये समस्याएं महामारी की तरह फैलने लगती हैं, तब कठोर कदम उठाने की आवश्यकता होती है।


एनसीसी और पाठ्यक्रम में बदलाव

अधिकारी ने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के दाखिले को रोकने का प्रयास किया और उसकी जगह 'जय हिंद वाहिनी' की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि एनसीसी से जुड़ने से युवाओं को सशस्त्र बलों में 'अग्निवीर' के रूप में चयनित होने में मदद मिलती है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सिंगुर से टाटा मोटर्स को बाहर करने वालों का महिमामंडन स्कूली इतिहास की किताबों में किया गया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से पाठ्यक्रम में बदलाव दिखाई देंगे और राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरी तरह से लागू किया जाएगा।